

(राहु – 4th house, केतु – 10th house) कालसर्प योग तब बनता है जब राहु और केतु की धुरी के बीच सभी ग्रह स्थित हों। इनमें शंखपाल कालसर्प योग वह स्थिति है जब राहु चौथे भाव में और केतु दसवें भाव में हों। यह योग अक्सर घर–परिवार की शांति, भावनाओं, […]
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ज्योतिष में पन्ना (Emerald) को बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है। यह रत्न बुद्धि, संवाद कौशल, वाणी की मधुरता और व्यापारिक समझ को बढ़ाने वाला होता है। जिनकी कुंडली में बुध कमजोर, नीच का या पापग्रहों से पीड़ित हो, उनके लिए पन्ना बहुत ही शुभ होता है। पन्ना रत्न […]
पुखराज यानी Yellow Sapphire, गुरु ग्रह (बृहस्पति) से जुड़ा होता है। बृहस्पति ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह, आस्था और सौभाग्य का प्रतीक है। पुखराज रत्न धारण करने से भाग्य प्रबल होता है और जीवन में स्थायित्व आता है। पुखराज किस ग्रह का रत्न है? गुरु (बृहस्पति) — यह ग्रह ज्ञान, गुरु, […]
हकीक (Hakik) एक अर्ध-कीमती रत्न है जिसे विभिन्न रंगों में पाया जाता है — जैसे कि काला, सफेद, पीला, नीला, हरा और लाल। यह रत्न विशेष रूप से रक्षा, शक्ति, मानसिक संतुलन और बुरी नजर से बचाव के लिए पहना जाता है। यह शुद्धता, शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए […]
नीलम (Neelam) रत्न, शनि ग्रह का प्रतिनिधि रत्न है। शनि को न्याय का देवता माना गया है, जो कर्मों का फल देता है। जब शनि अशुभ होते हैं, तो जीवन में रुकावटें, आर्थिक संकट, कार्यों में विलंब, रोग, अपयश और संघर्ष बढ़ जाते हैं। नीलम रत्न से शनि की महादशा, […]
लहसुनिया (Lehsuniya), जिसे अंग्रेज़ी में Cat’s Eye कहा जाता है, केतु ग्रह का रत्न है। केतु एक रहस्यमयी छाया ग्रह है जो मोक्ष, रहस्य, रोग, अचानक हानि, दुर्घटना, आत्मिक विकास और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ है। जब केतु अशुभ होता है तो व्यक्ति को बिना कारण भय, बुरे सपने, दुर्घटनाएं […]
गोमेद (Gomed) जिसे अंग्रेजी में Hessonite कहते हैं, राहु ग्रह का रत्न है। राहु जब कुंडली में अशुभ हो तो व्यक्ति को भ्रम, मानसिक तनाव, अचानक दुर्घटनाएं, कोर्ट केस, शत्रु पक्ष की चालें और अशांति का सामना करना पड़ता है। गोमेद किस ग्रह का रत्न है? राहु (Rahu) — एक […]
ज्योतिष शास्त्र में माणिक्य रत्न (Ruby) का बहुत ही विशेष स्थान है। यह रत्न सूर्य ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो या ग्रहण दोष आदि हो, उनके लिए माणिक्य अत्यंत लाभकारी माना जाता है। माणिक्य रत्न आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना […]
ज्योतिष शास्त्र में मोती (Pearl) को चंद्र ग्रह का रत्न माना जाता है। यह रत्न मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और मन की स्थिरता प्रदान करता है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है या चंद्र दोष होता है, उनके लिए मोती अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है। मोती रत्न […]

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