पुखराज यानी Yellow Sapphire, गुरु ग्रह (बृहस्पति) से जुड़ा होता है। बृहस्पति ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह, आस्था और सौभाग्य का प्रतीक है। पुखराज रत्न धारण करने से भाग्य प्रबल होता है और जीवन में स्थायित्व आता है।
पुखराज किस ग्रह का रत्न है?
गुरु (बृहस्पति) — यह ग्रह ज्ञान, गुरु, शिक्षा, धन, विवाह और धार्मिक कार्यों का कारक होता है। जब कुंडली में बृहस्पति कमजोर या नीच का होता है, तो जीवन में रुकावटें, शिक्षा में गिरावट, विवाह में देरी और संतान सुख में बाधा आती है।
किन लोगों को पुखराज पहनना चाहिए?
- विवाह में बार-बार रुकावट आ रही हो
- संतान प्राप्ति में समस्या हो
- शिक्षा या करियर में ठहराव हो
- गुरु की दशा या अंतर्दशा चल रही हो
- जिनके जीवन में शुभता और विस्तार की कमी हो
पहनने का सही तरीका
- दिन: गुरुवार
- समय: सुबह 5 से 7 बजे तक
- धातु: सोना
- उंगली: तर्जनी (Index finger)
- रत्न का वजन: 5 से 7 रत्ती
- पहले दिन क्या करें: गंगाजल, दूध और शुद्ध जल से धोकर पूजा करें।
पुखराज रत्न की पूजा विधि
- पीले कपड़े पर पुखराज रखें
- हल्दी, पीले फूल, अक्षत और घी का दीपक अर्पित करें
- बृहस्पति मंत्र का 108 बार जाप करें: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”
- फिर रत्न को सोने की अंगूठी में धारण करें
पुखराज के लाभ
- विवाह में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं
- संतान सुख की प्राप्ति होती है
- शिक्षा और उच्च अध्ययन में सफलता
- करियर और नौकरी में स्थायित्व मिलता है
- धन, समृद्धि और शुभता में वृद्धि होती है
जरूरी सावधानियाँ
- टूटा, दरार वाला या नकली पुखराज न पहनें
- राहु, केतु, शनि के रत्नों के साथ न पहनें
- हमेशा कुंडली के आधार पर ही रत्न धारण करें
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्र.1: क्या पुखराज सभी को सूट करता है?
नहीं, यह गुरु की स्थिति के अनुसार तय होता है। विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही पहनें।
प्र.2: पुखराज का असर कितने दिन में दिखता है?
15-30 दिन में असर दिखने लगता है।
प्र.3: क्या यह शादी में मदद करता है?
हां, विवाह में आ रही रुकावटें दूर करता है।
प्र.4: पुखराज कौन सी धातु में पहनना चाहिए?
सोने में पहनना सर्वोत्तम रहता है।
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नकली रत्नों से सावधान रहें! बाज़ार में बहुत से ठग नकली पुखराज असली बता कर बेचते हैं। केवल प्रमाणित रत्न ही धारण करें और पूजा विधि के अनुसार पहनें।





