Description
संपत्ति विवाद निवारण पूजा
(बगलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा)
जमीन–मकान, पैतृक संपत्ति और कानूनी झगड़ों से मुक्ति हेतु विशेष सिद्ध पूजा
संपत्ति विवाद निवारण पूजा — क्यों कराई जाती है?
जब किसी व्यक्ति के जीवन में जमीन, मकान या पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद लंबे समय तक चलता रहे, और आपसी बातचीत, समझौते या कानूनी प्रयास भी परिणाम न दे रहे हों, तब यह संकेत माना जाता है कि विवाद केवल कानूनी नहीं बल्कि ग्रह दोष, शत्रु बाधा या नकारात्मक प्रभाव से भी जुड़ा हो सकता है।
ऐसी स्थिति में माँ बगलामुखी की उपासना द्वारा संपत्ति विवाद निवारण पूजा कराई जाती है।
माँ बगलामुखी को
👉 “विरोधी की बुद्धि, वाणी और हठ को स्तंभित करने वाली देवी”
माना गया है, इसलिए यह पूजा जिद, षड्यंत्र और अनुचित दावों को शांत करने में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
यह पूजा किन समस्याओं में विशेष रूप से कराई जाती है?
संपत्ति विवाद निवारण पूजा निम्न स्थितियों में कराई जाती है:
- पैतृक संपत्ति को लेकर भाई-बहन या रिश्तेदारों में विवाद
- जमीन या मकान पर अवैध कब्जा
- कोर्ट में चल रहा संपत्ति केस
- बंटवारे में अड़चन या जानबूझकर देरी
- धोखे से की गई रजिस्ट्री या फर्जी कागज़
- साझेदार या रिश्तेदार द्वारा संपत्ति हड़पने का प्रयास
- जमीन-मकान से जुड़े बार-बार नुकसान
संपत्ति विवाद निवारण पूजा में क्या होता है? (मुख्य विधि)
यह पूजा वैदिक एवं तांत्रिक दोनों विधियों से संपन्न की जाती है।
मुख्य विधि में शामिल हैं:
- संकल्प एवं गणेश पूजन
- माँ बगलामुखी का आवाहन
- संपत्ति विवाद शांति विशेष संकल्प
- बगलामुखी बीज मंत्र एवं स्तंभन मंत्र जाप
- पीली सामग्री, हल्दी एवं विशेष आहुति से हवन
- शांति पाठ एवं पूर्णाहुति
पूजा में किया गया संकल्प विरोधी की हठ, झूठ और षड्यंत्र को निष्क्रिय करने पर केंद्रित होता है।
नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर में ही यह पूजा क्यों?
बगलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा भारत की सबसे सिद्ध बगलामुखी शक्तिपीठ मानी जाती है।
मान्यता है कि:
- यहाँ की गई संपत्ति विवाद संबंधी पूजा शीघ्र फल देती है
- विरोधी पक्ष की रणनीति कमजोर होने लगती है
- समझौते और फैसले की दिशा बनने लगती है
- कोर्ट और प्रशासनिक मामलों में अनुकूलता आती है
इसी कारण यह पूजा विशेष रूप से नलखेड़ा में ही कराई जाती है।
संपत्ति विवाद निवारण पूजा से मिलने वाले लाभ
✔ संपत्ति विवाद में राहत और समाधान के संकेत
✔ विरोधी पक्ष की जिद और हठ में कमी
✔ कोर्ट केस में अनुकूल परिस्थिति
✔ कब्जा, बंटवारा और कागज़ी अड़चनों में सुधार
✔ मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह में कमी
✔ धन और स्थिरता की रक्षा
✔ न्यायिक प्रक्रिया में सकारात्मक मोड़
पूजा की अवधि
लगभग 2 से 3 घंटे
(विवाद की गंभीरता के अनुसार समय में परिवर्तन संभव)
पूजा बुकिंग के लिए आवश्यक जानकारी
कृपया ऑर्डर देते समय नीचे दिए गए विवरण “Order Comment Box” में अवश्य लिखें —
- Full Name (पूरा नाम)
- Father’s Name (पिता का नाम)
- Date, Time & Place of Birth (जन्म तिथि, समय व स्थान)
- Gotra (गोत्र)
- संपत्ति विवाद का संक्षिप्त विवरण (Optional but Helpful)
📌 आपको पूजा की तारीख, समय और स्थान की जानकारी अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
📌 पूजा वैदिक परंपरा और शास्त्रानुसार विद्वान पंडितों द्वारा बगलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा में कराई जाती है।
📌 पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष प्रसादी आपके पते पर भेजी जाती है।
संपत्ति विवाद निवारण पूजा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या यह पूजा कोर्ट में चल रहे केस के लिए की जा सकती है?
हाँ। यह पूजा चल रहे कोर्ट केस और प्रशासनिक विवाद दोनों में कराई जाती है।
Q2. क्या यह पूजा जबरन किसी की संपत्ति छीनने के लिए होती है?
नहीं। यह पूजा अन्याय, धोखे और षड्यंत्र से रक्षा के लिए की जाती है, न कि अनुचित लाभ के लिए।
Q3. क्या मुझे स्वयं नलखेड़ा आना जरूरी है?
नहीं। हमारे विद्वान पंडित आपकी ओर से विधिवत संकल्प लेकर पूजा संपन्न करते हैं।
Q4. कितनी बार यह पूजा करानी चाहिए?
अधिकांश मामलों में एक बार पर्याप्त होती है, लेकिन जटिल विवाद में पुनः पूजा की सलाह दी जा सकती है।
Q5. पूजा का प्रभाव कब दिखाई देता है?
कई श्रद्धालुओं को अगली सुनवाई, बातचीत या समझौते की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगते हैं।
आज ही संपत्ति विवाद निवारण पूजा बुक करें
जमीन-मकान, पैतृक संपत्ति और कानूनी झगड़ों से मुक्ति पाने के लिए माँ बगलामुखी की सिद्ध शक्तिपीठ — नलखेड़ा में विधिवत संपत्ति विवाद निवारण पूजा कराएँ।









Reviews
There are no reviews yet.