कुंभ विवाह पूजा

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कुंभ विवाह मांगलिक दोष निवारण हेतु किया जाने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। उज्जैन में अनुभवी पंडितों द्वारा संपूर्ण विधि-विधान से संपन्न। विवाह में बाधा, देरी या मांगलिक दोष शांति हेतु बुक करें।

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Description

कुंभ विवाह पूजा उज्जैन – मांगलिक दोष निवारण के लिए विशेष वैदिक अनुष्ठान


कुंभ विवाह क्या है?

कुंभ विवाह एक प्राचीन वैदिक अनुष्ठान है जो मुख्य रूप से मांगलिक दोष (मंगल दोष) के निवारण के लिए किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में मंगल दोष होता है, तब विवाह में देरी, वैवाहिक जीवन में तनाव या रिश्तों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

ऐसी स्थिति में विवाह से पहले कन्या या वर का घड़े (कुंभ) के साथ प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। इसे कुंभ विवाह कहा जाता है।

यह पूजा दोष के प्रभाव को कम करने और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना से की जाती है।


कुंभ विवाह क्यों किया जाता है?

कुंभ विवाह निम्न कारणों से कराया जाता है:

✔ मांगलिक दोष निवारण हेतु
✔ विवाह में बार-बार रुकावट आने पर
✔ शादी में अत्यधिक देरी होने पर
✔ वैवाहिक जीवन में सुख-शांति के लिए
✔ कुंडली में मंगल की अशुभ स्थिति होने पर
✔ ज्योतिषाचार्य द्वारा सलाह मिलने पर


कुंभ विवाह पूजा का महत्व

मान्यता है कि कुंभ विवाह करने से:

  • मांगलिक दोष का प्रभाव कम होता है
  • विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं
  • वैवाहिक जीवन में सुख और स्थिरता आती है
  • नकारात्मक ग्रह प्रभाव शांत होते हैं
  • शीघ्र विवाह के योग मजबूत होते हैं

उज्जैन में कुंभ विवाह पूजा

उज्जैन भारत की प्राचीन धार्मिक नगरी है और वैदिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहाँ अनुभवी विद्वान पंडितों द्वारा संपूर्ण विधि-विधान के साथ कुंभ विवाह पूजा संपन्न करवाई जाती है।

पूजा के दौरान संकल्प, पूजन, मंत्रोच्चार और वैदिक प्रक्रिया पूरी श्रद्धा और परंपरा से कराई जाती है।


पूजा में क्या शामिल रहेगा?

🔸 संकल्प – यजमान के नाम एवं उद्देश्य से पूजा का संकल्प लिया जाता है।

🔸 गणेश पूजन – सभी विघ्नों की शांति एवं मंगल कार्य की सिद्धि हेतु।

🔸 रुद्र पूजन – भगवान शिव की कृपा एवं ग्रह शांति के लिए।

🔸 पितृ पूजन – पितरों का स्मरण एवं आशीर्वाद प्राप्ति हेतु।

🔸 षोडश मातृका पूजन – शुभता, रक्षा एवं मंगल कामना हेतु।

🔸 पुण्यवाचन – पूजा स्थल एवं यजमान की शुद्धि के लिए वैदिक मंत्रोच्चार।

🔸 नवग्रह पूजन – सभी ग्रहों की शांति एवं अनुकूलता के लिए।

🔸 मंगल दोष शांति मंत्र जाप – मांगलिक दोष के प्रभाव को शांत करने हेतु विशेष मंत्र जाप।

🔸 कुंभ विवाह विधि – संपूर्ण विधिपूर्वक मुख्य कुंभ विवाह संस्कार।

🔸 पूर्णाहुति एवं आशीर्वाद – पूजा समापन, आशीर्वचन एवं मंगलकामना।


पूजा अवधि

लगभग: 2 से 3 घंटे


किन्हें कुंभ विवाह करवाना चाहिए?

यदि आपकी कुंडली में:

  • मंगल 1st, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में हो
  • विवाह में लगातार रुकावट आ रही हो
  • रिश्ते बनकर टूट रहे हों
  • ज्योतिष द्वारा मांगलिक दोष बताया गया हो

तो कुंभ विवाह पूजा लाभकारी मानी जाती है।


FAQs

1. कुंभ विवाह क्या होता है?

कुंभ विवाह मांगलिक दोष निवारण हेतु किया जाने वाला एक वैदिक अनुष्ठान है जिसमें विवाह से पहले घड़े (कुंभ) के साथ प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है।

2. कुंभ विवाह किसे करना चाहिए?

जिनकी कुंडली में मांगलिक दोष हो या विवाह में बाधा आ रही हो उन्हें ज्योतिष सलाह अनुसार यह पूजा करानी चाहिए।

3. कुंभ विवाह में कितना समय लगता है?

आमतौर पर 2 से 3 घंटे।

4. क्या कुंभ विवाह के बाद विवाह किया जा सकता है?

हाँ, इस पूजा के बाद विवाह हेतु मार्ग प्रशस्त माना जाता है।

5. उज्जैन में कुंभ विवाह पूजा कहाँ करवाई जा सकती है?

उज्जैन में अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा विधिपूर्वक यह पूजा करवाई जाती है। ऑनलाइन बुकिंग भी उपलब्ध है।

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