

(राहु – 4th house, केतु – 10th house) कालसर्प योग तब बनता है जब राहु और केतु की धुरी के बीच सभी ग्रह स्थित हों। इनमें शंखपाल कालसर्प योग वह स्थिति है जब राहु चौथे भाव में और केतु दसवें भाव में हों। यह योग अक्सर घर–परिवार की शांति, भावनाओं, मानसिक स्थिरता, और करियर/प्रतिष्ठा को…
हकीक (Hakik) एक अर्ध-कीमती रत्न है जिसे विभिन्न रंगों में पाया जाता है — जैसे कि काला, सफेद, पीला, नीला, हरा और लाल। यह रत्न विशेष रूप से रक्षा, शक्ति, मानसिक संतुलन और बुरी नजर से बचाव के लिए पहना जाता है। यह शुद्धता, शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। यह…
मोती (Pearl) एक सुंदर और शीतल प्रभाव देने वाला रत्न है जो चंद्रमा से संबंधित होता है। चंद्रमा मन, भावना, माँ, सोच और कल्पना शक्ति का कारक ग्रह है। जब कुंडली में चंद्रमा अशुभ होता है, तो व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद, भय और अनिद्रा से परेशान होता है। मोती किस ग्रह का रत्न है? चंद्रमा…

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। “चन्द्रमा मनसो जातः”—ऋग्वेद के पुरुष सूक्त के अनुसार, चंद्रमा की उत्पत्ति विराट पुरुष के मन से हुई है। यही कारण है कि ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और चंद्रमा को मन, भावना और माता का कारक कहा गया है। यदि किसी जातक की…

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