शुक्र मंत्र जाप उज्जैन (16000 जप)

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क्या आप विवाह में अकारण विलंब, पति-पत्नी में विवाद, भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी, आर्थिक अस्थिरता या कुंडली में कमजोर/पीड़ित शुक्र (शुक्र दोष या कालत्र दोष) का सामना कर रहे हैं? वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, कला, विलासिता, आकर्षण और सुखी दांपत्य जीवन का स्वामी माना गया है। अवंतिका नगरी (उज्जैन) स्थित सुप्रसिद्ध सिद्धवट घाट पर 5 वेदज्ञ कर्मकांडी आचार्यों द्वारा 1 दिन में 16,000 शुक्र बीज मंत्र जाप, विशेष शांति हवन एवं आपके नाम-गोत्र संकल्प के साथ यह अनुष्ठान कराएं। घर बैठे ऑनलाइन बुक करें और वैवाहिक सुख, आकर्षण व भौतिक समृद्धि प्राप्त करें। स्थान: सिद्धवट घाट…

Description

शुक्र मंत्र जाप (16,000 जाप अनुष्ठान) क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त व ज्योतिषीय महत्व)

वैदिक ज्योतिषशास्त्र में शुक्र (Venus) ग्रह को दैत्य गुरु और सौंदर्य, वैभव, ऐश्वर्य, कला तथा कामसुख का प्रतीक माना गया है। पुरुषों की कुंडली में शुक्र पत्नी और वैवाहिक सुख का मुख्य कारक होता है। जब जन्म कुंडली में शुक्र नीच का हो, सूर्य के साथ अस्त हो, राहु-केतु से पीड़ित हो या 6ठें/8वें भाव में हो, तो व्यक्ति के जीवन में आर्थिक समस्याएं, आकर्षण में कमी, त्वचा व मधुमेह से जुड़े रोग और दांपत्य जीवन में दरारें आने लगती हैं। उज्जैन की सिद्ध भूमि पर 16,000 शुक्र बीज मंत्रों का सस्वर पाठ, शांति हवन व मार्जन कराने से शुक्र ग्रह के सभी दुष्प्रभाव समाप्त होते हैं और जीवन में प्रेम व समृद्धि का संचार होता है।

शुक्र ग्रह के कमजोर या पीड़ित होने के मुख्य लक्षण:

  • विवाह योग्य आयु होने पर भी शादी में बार-बार अड़चनें और अत्यधिक विलंब होना।
  • पति-पत्नी के बीच प्रेम और आकर्षण की कमी, लगातार विवाद व दांपत्य सुख में बाधा (कालत्र दोष)।
  • कड़ी मेहनत के बाद भी धन की तंगी, लग्जरी और भौतिक सुख-साधनों का अभाव।
  • व्यक्तित्व में आकर्षण की कमी, आत्मविश्वास का गिरना और मान-सम्मान में कमी।
  • त्वचा संबंधी विकार, मधुमेह (Diabetes) या गुप्त रोगों का सामना करना।

उज्जैन (सिद्धवट घाट) से शुक्र जाप कराने का पौराणिक महात्म्य

सनातन परंपरा में अवंतिका नगरी (उज्जैन) के सिद्धवट घाट को सर्व-ग्रह दोष निवारण और मनोकामना पूर्ति का अक्षय केंद्र माना गया है:

  • सिद्धवट कल्पवृक्ष पीठ: पवित्र शिप्रा तट पर अक्षय वट की छाया में स्थित सिद्धवट घाट पर किया गया जाप और हवन शीघ्र फल प्रदान करता है।
  • 5 विद्वान आचार्यों द्वारा विधान: अनुष्ठान को 5 उच्च कोटि के विप्रगणों द्वारा पूर्ण शुद्धता, सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार और शास्त्रीय मर्यादा के साथ 1 दिन में संपन्न किया जाता है।
  • ऑनलाइन व ऑफलाइन सुविधा: आप स्वयं उज्जैन आकर अथवा घर बैठे ऑनलाइन संकल्प के माध्यम से यह अनुष्ठान करवा सकते हैं।

शुक्र जाप अनुष्ठान की संपूर्ण वैदिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. नाम-गोत्र संकल्प: यजमान के नाम, पिता के नाम, जन्म विवरण और गोत्र का उच्चारण कर अनुष्ठान का शास्त्रीय संकल्प।
  2. गणेश व नवग्रह पूजन: विघ्नहर्ता श्री गणेश एवं नवग्रह मंडल पर भगवान शुक्र देव का ध्यान, आवाहन व षोडशोपचार पूजन।
  3. 16,000 शुक्र मंत्र जाप: 5 विप्रगणों द्वारा “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” बीज मंत्र का सस्वर शुद्ध पाठ।
  4. शुक्र शांति हवन: जाप पूर्ण होने पर विशेष समिधाओं, तिल, घृत व सफेद द्रव्यों द्वारा दोष निवारण हवन।
  5. पूर्णाहुति व आशीर्वाद: विप्रगणों को दक्षिणा अर्पण, पूर्णाहुति एवं यजमान के कल्याण हेतु शांति पाठ।

इस अनुष्ठान से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • सुखद वैवाहिक जीवन: पति-पत्नी के बीच प्रेम, आकर्षण और आपसी सामंजस्य में वृद्धि होती है।
  • शीघ्र विवाह के योग: विवाह में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं और योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।
  • आर्थिक सुधार व समृद्धि: धन आगमन के नए स्रोत बनते हैं, व्यापार में वृद्धि होती है और लग्जरी प्राप्त होती है।
  • सौंदर्य व आकर्षण: व्यक्तित्व में निखार आता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है।
  • शुक्र व कालत्र दोष शांति: कुंडली में स्थित शुक्र जनित सभी अशुभ दोष शांत होते हैं।

पूजा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)

नोट: बुकिंग के बाद अनुष्ठान की तिथि, समय और स्थान की सूचना आपको व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. शुक्र मंत्र जाप (16,000 जाप) किसे करवाना चाहिए?
उत्तर: जिनकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर या पीड़ित हो, या जो विवाह में विलंब, वैवाहिक कलह, आर्थिक तंगी और सौंदर्य/आकर्षण में कमी का सामना कर रहे हों, उन्हें यह जाप करवाना चाहिए।

Q2. क्या मुझे अनुष्ठान के समय स्वयं उज्जैन में उपस्थित रहना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते हैं तो हमारे विद्वान पंडित आपके नाम और गोत्र का संकल्प लेकर पूरी विधि से आपकी ओर से अनुष्ठान संपन्न करेंगे।

Q3. क्या पूजा के बाद वीडियो या रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है?
उत्तर: जी हाँ! अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद आपको फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग और रिपोर्ट भेजी जाती है। साथ ही अभिमंत्रित प्रसादी आपके पते पर कूरियर की जाती है।

Q4. शुक्र जाप कराने के लिए कौन सा दिन सर्वोत्तम माना जाता है?
उत्तर: शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ और शीघ्र फलदायी माना गया है।

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