चंद्र जाप (11000 जप)

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क्या आप निरंतर मानसिक अशांति, चिंता, अवसाद (Depression), अनिद्रा, भावनात्मक अस्थिरता, अकारण भ्रम या कुंडली में कमजोर चंद्रमा (चंद्र दोष/विष योग) का सामना कर रहे हैं? वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रह को मन, भावनाओं, संतुष्टि, माता और मानसिक स्थिरता का स्वामी माना गया है। अवंतिका नगरी (उज्जैन) के पवित्र शिप्रा तट पर स्थित ऐतिहासिक सिद्धवट घाट पर 5 योग्य कर्मकांडी आचार्यों द्वारा 1 दिन में 11,000 चंद्र बीज मंत्र जाप, विशेष शांति हवन एवं आपके नाम-गोत्र संकल्प के साथ यह अनुष्ठान कराएं। घर बैठे ऑनलाइन बुक करें और मन की शांति, एकाग्रता व भावनात्मक संतुलन प्राप्त करें। स्थान: सिद्धवट घाट…

Description

चंद्र मंत्र जाप (11,000 जाप अनुष्ठान) क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त व ज्योतिषीय महत्व)

वैदिक ज्योतिषशास्त्र में चंद्रमा (Moon) को ‘मनसो जातश्चक्षोः’ अर्थात भगवान का मन माना गया है। चंद्रमा हमारी सोच, भावनाओं, निर्णय लेने की क्षमता, मानसिक शांति और माता के स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है। जब जन्म कुंडली में चंद्रमा नीच का हो, राहु-केतु द्वारा पीड़ित (ग्रहण दोष या विष योग) हो, या 6ठें, 8वें व 12वें भाव में कमजोर स्थिति में हो, तो जातक का मन सदैव अशान्त रहता है। ऐसे व्यक्ति को अकारण भय, अवसाद, अत्यधिक भावुकता, अनिद्रा (Insomnia) और निर्णय लेने में भारी भ्रम का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार सिद्ध क्षेत्र में 11,000 चंद्र मंत्रों का सस्वर पाठ व हवन कराने से चंद्र दोष समाप्त होता है और मन में अपार शांति व सकारात्मकता का संचार होता है।

चंद्र ग्रह के कमजोर या पीड़ित होने के मुख्य लक्षण:

  • निरंतर मानसिक तनाव, अकारण चिंता, घबराहट (Panic Attacks) और डिप्रेशन।
  • निर्णय लेने में अत्यधिक असमंजस, भ्रम और एकाग्रता की भारी कमी।
  • भावनात्मक रूप से अस्थिर होना, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स।
  • माता के स्वास्थ्य में बार-बार गिरावट या माता के साथ संबंधों में तनाव।
  • अनिद्रा, बुरे सपने आना या मन में अनाम भय बना रहना।

उज्जैन (सिद्धवट घाट) से चंद्र जाप कराने का पौराणिक महात्म्य

स्कंद पुराण सहित अनेक वैदिक ग्रंथों में उज्जैन के सिद्धवट घाट की महिमा का गान किया गया है:

  • सिद्धवट कल्पवृक्ष पीठ: पवित्र शिप्रा नदी के तट पर अक्षय वट वृक्ष की छाया में स्थित सिद्धवट घाट पर किया गया कोई भी जप या अनुष्ठान शीघ्र सिद्धि प्रदान करता है।
  • जल तत्व व चंद्र साधना: शिप्रा का तट जल तत्व का प्रतीक है और चंद्रमा जल तत्व के स्वामी हैं, इसलिए सिद्धवट घाट पर चंद्र जाप का प्रभाव सौ गुना अधिक होता है।
  • 5 विद्वान आचार्यों द्वारा अनुष्ठान: 5 योग्य विप्रगणों द्वारा पूर्ण वैदिक शुद्धता, सस्वर मंत्रोच्चार और शास्त्रीय मर्यादा के साथ 11,000 जाप पूरे किए जाते हैं।

चंद्र जाप अनुष्ठान की संपूर्ण वैदिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. नाम-गोत्र संकल्प: यजमान के नाम, पिता के नाम, जन्म विवरण और गोत्र का उच्चारण कर अनुष्ठान का शास्त्रीय संकल्प।
  2. गणेश व नवग्रह पूजन: विघ्नहर्ता श्री गणेश एवं नवग्रह मंडल पर चंद्र देव का आवाहन व षोडशोपचार पूजन।
  3. 11,000 चंद्र मंत्र जाप: 5 विप्रगणों द्वारा “ॐ सों सोमाय नमः” अथवा वैदिक चंद्र बीज मंत्र का सस्वर शुद्ध पाठ।
  4. चंद्र शांति हवन: जाप पूर्ण होने के उपरांत चंद्र देव की अनुकूलता हेतु विशेष समिधाओं व घृत से हवन।
  5. पूर्णाहुति व आशीर्वाद: विप्रगणों को दक्षिणा, पूर्णाहुति, शांति पाठ एवं यजमान के कल्याण हेतु प्रार्थना।

इस अनुष्ठान से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • असीम मानसिक शांति व स्थिरता: तनाव, चिंता, अवसाद और अकारण भय से राहत मिलती है।
  • दृढ़ निर्णय क्षमता व एकाग्रता: मन का भटकाव दूर होता है, स्मरण शक्ति और तार्किक सोच में सुधार होता है।
  • भावनात्मक संतुलन: मूड स्विंग्स पर नियंत्रण आता है और परिवार में सुख-सामंजस्य बढ़ता है।
  • व्यापार व करियर में सफलता: मानसिक एकाग्रता बढ़ने से व्यावसायिक निर्णय सटीक होते हैं।
  • चंद्र व विष दोष निवारण: कुंडली में स्थित चंद्र-राहु, चंद्र-केतु या चंद्र-शनि जनित दोष शांत होते हैं।

पूजा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)

नोट: बुकिंग के बाद अनुष्ठान की तिथि, समय और स्थान की सूचना आपको व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या चंद्र मंत्र जाप (11,000 जाप) ऑनलाइन करवाया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, आप यह अनुष्ठान घर बैठे ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। हमारे विद्वान पंडित आपके नाम और गोत्र का संकल्प लेकर सिद्धवट घाट, उज्जैन में आपकी ओर से पूजा संपन्न करेंगे।

Q2. क्या मुझे पूजा के समय व्यक्तिगत रूप से उज्जैन में उपस्थित रहना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, आपकी अनुपस्थिति में भी पंडित जी आपके नाम-गोत्र के शास्त्रीय संकल्प के साथ पूरी विधि से 11,000 जाप और हवन संपन्न कराते हैं।

Q3. क्या पूजा की रिपोर्ट या फोटो/वीडियो उपलब्ध कराई जाती है?
उत्तर: जी हाँ! अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद आपको संकल्प, मंत्र जाप और हवन की फोटो, वीडियो क्लिप तथा रिपोर्ट भेजी जाती है।

Q4. चंद्र जाप कराने के लिए कौन सा दिन सर्वोत्तम रहता है?
उत्तर: सोमवार का दिन अथवा शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का दिन चंद्र ग्रह अनुष्ठान के लिए सर्वोत्तम और अति-शीघ्र फलदायी माना गया है।

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