मंगल मंत्र जाप (10000 जप)

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क्या आपकी कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर या अशुभ अवस्था में हैं, मांगलिक दोष निर्मित कर रहे हैं, अथवा आप विवाह में अत्यधिक विलंब, दांपत्य जीवन में तनाव, अकारण गुस्सा, उच्च रक्तचाप, कर्ज की समस्या, पैतृक संपत्ति विवाद या करियर में लगातार रुकावटों का सामना कर रहे हैं? वैदिक ज्योतिष में मंगल देव को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, आत्मविश्वास और वैवाहिक सुख का मुख्य कारक माना गया है। महाकाल की पावन नगरी अवंतिका (उज्जैन) स्थित अति जाग्रत सिद्धवट घाट (शिप्रा तट) पर 5 वेदज्ञ कर्मकांडी आचार्यों द्वारा 1 दिन में 10,000 मंगल बीज मंत्रों (ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः)…

Description

मंगल मंत्र जाप (10,000) क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त व ज्योतिषीय महत्व)

वैदिक ज्योतिष और पौराणिक संहिताओं के अनुसार, भूमिपुत्र मंगल देव व्यक्ति के साहस, ऊर्जा, रक्त संचार, निर्णय क्षमता और दांपत्य जीवन के ऊर्जा चक्र के स्वामी हैं। जब कुंडली में मंगल देव नीच राशि (कर्क) में हों, पाप ग्रहों से पीड़ित हों या मांगलिक दोष का निर्माण कर रहे हों, तो व्यक्ति के जीवन में अकारण उग्रता, विवाद और रुकावटें बढ़ने लगती हैं। बने-बनाये काम अंतिम क्षणों में बिगड़ जाते हैं और विवाह के योग नहीं बन पाते। अवंतिका नगरी (उज्जैन) स्थित सिद्धवट घाट पर 5 विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान से 10,000 मंगल बीज मंत्रों का सस्वर जाप और शांति महाहवन कराने से मंगल देव की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है, स्वभाव में सौम्यता आती है और जीवन में सुख-सौभाग्य का आगमन होता है।

कुंडली में कमजोर या पीड़ित मंगल के मुख्य लक्षण:

  • विवाह योग्य आयु होने पर भी विवाह में बार-बार बाधाएं आना या अत्यधिक विलंब होना।
  • पति-पत्नी के बीच अकारण क्लेश, आक्रामकता, वैवाहिक असंतोष और मतभेद रहना।
  • अत्यधिक गुस्सा, चिड़चिड़ापन, रक्त संबंधी विकार या उच्च रक्तचाप की समस्या।
  • भूमि, भवन, मकान या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रुकावटें व कानूनी विवाद।
  • ऋण (कर्ज) का बढ़ता जाना, करियर में अस्थिरता और शत्रुओं का अनचाहा प्रभाव।

उज्जैन सिद्धवट घाट से ही यह पूजा क्यों कराएं?

उज्जैन (अवंतिका) काल गणना का मुख्य केंद्र है और नवग्रहों में मंगल देव का उद्गम स्थल/जन्म स्थान उज्जैन ही माना गया है। पवित्र शिप्रा नदी के तट पर स्थित सिद्धवट (अक्षय कल्पवृक्ष) अत्यंत प्राचीन सिद्ध पीठ है:

  • अक्षय कल्पवृक्ष पीठ: स्कंद पुराण के अनुसार, सिद्धवट के पावन प्रांगण में की गई मंगल शांति पूजा, जाप और दान का फल अनंत गुना होकर शीघ्र प्राप्त होता है।
  • 5 वेदज्ञ आचार्यों द्वारा जप: उज्जैन के उच्च कर्मकांडी आचार्यों द्वारा 1 दिन में सस्वर, शुद्ध उच्चारण और लयबद्धता के साथ 10,000 मंगल मंत्र जप का संपादन।
  • शास्त्रोक्त दान विधान: अनुष्ठान के उपरांत मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुओं (लाल वस्त्र, मसूर दाल, गुड़, तांबा आदि) का विधिवत दान।

अनुष्ठान की प्रामाणिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. शास्त्रोक्त संकल्प (Sankalp): यजमान के नाम, पिता के नाम, जन्म विवरण और गोत्र के आधार पर व्यक्तिगत मंगल दोष निवारण संकल्प।
  2. गणपति व नवग्रह पूजन: विघ्नहर्ता श्री गणेश पूजन, कलश स्थापना एवं नवग्रह मण्डल का विधि-विधान से पूजन।
  3. भगवान मंगल आवाहन व ध्यान: भूमिपुत्र भगवान मंगल का ध्यान, आवाहन एवं षोडशोपचार पूजन।
  4. 10,000 मंगल मंत्र जाप: 5 विद्वान आचार्यों द्वारा 1 दिन में “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” अथवा वैदिक मंगल मंत्र का सस्वर 10,000 बार पाठ।
  5. मंगल शांति महाहवन (Havan): खैर (खदिर) की समिधा, तिल, घी व विशेष हविष्य से हवन कुंड में आहुतियाँ अर्पण।
  6. दान व पूर्ण आहुति: मंगल ग्रह की प्रसन्नता हेतु लाल वस्त्र व मसूर दाल का दान, आरती एवं विप्र दक्षिणा।

इस अनुष्ठान से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • मांगलिक दोष व बाधाओं से मुक्ति: विवाह के मार्ग में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
  • दांपत्य सुख व सामंजस्य: पति-पत्नी के बीच प्रेम, समझ और पारिवारिक स्थिरता बढ़ती है।
  • क्रोध व तनाव पर नियंत्रण: अत्यधिक गुस्सा, मानसिक तनाव और आक्रामकता में कमी आती है तथा विचार शांत होते हैं।
  • ऋण मुक्ति व संपत्ति लाभ: कर्ज से छुटकारा मिलता है, भूमि-भवन के योग बनते हैं और करियर में उन्नति होती है।
  • आरोग्य व सुरक्षा: रक्त विकार, अकारण भय, दुर्घटनाओं और शत्रुओं के दुष्प्रभाव से रक्षा होती है।

पूजा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)

नोट: बुकिंग के पश्चात अनुष्ठान की तिथि, समय और स्थान की पूर्ण सूचना आपको व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. मंगल मंत्र जाप क्या है?
उत्तर: यह मंगल ग्रह की अशुभता को शांत करने और जीवन में साहस, स्थिरता व सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का शास्त्रीय वैदिक मंत्र जाप अनुष्ठान है।

Q2. क्या मंगल जाप (10,000 जाप) ऑनलाइन करवाया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, आप घर बैठे यह पूजा ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। हमारे विद्वान पंडित सिद्धवट घाट उज्जैन में आपके नाम-गोत्र का संकल्प लेकर पूरी विधि से अनुष्ठान करेंगे।

Q3. क्या पूजा में मेरी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है?
उत्तर: नहीं, आपकी उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। विद्वान पंडित जी आपके नाम, गोत्र और जन्म विवरण से संकल्प लेकर जाप करेंगे, जिससे आपको पूर्ण फल प्राप्त होगा।

Q4. क्या पूजा के बाद फोटो, वीडियो या रिपोर्ट मिलती है?
उत्तर: हाँ, पूजा पूर्ण होने के बाद आपको पूजा की फोटो, संकल्प वीडियो, संक्षिप्त हवन वीडियो क्लिप और सिद्धवट से अभिमंत्रित प्रसादी कूरियर द्वारा भेजी जाती है।

Q5. यह जाप किस दिन कराना सबसे शुभ माना जाता है?
उत्तर: मंगलवार का दिन मंगल मंत्र जाप के लिए सर्वाधिक श्रेष्ठ माना जाता है, परंतु उज्जैन के सिद्धवट घाट पर यह अनुष्ठान किसी भी शुभ तिथि को संपन्न कराया जा सकता है।

Additional information

No. of Pandits

3, 5, 7

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