

ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प योग को अत्यंत प्रभावशाली और जीवन को प्रभावित करने वाला माना गया है। इसमें से एक प्रमुख योग है कुलिक कालसर्प योग, जो जातक के जीवन में विशेषकर आर्थिक और पारिवारिक क्षेत्र में बाधाएं उत्पन्न करता है। कुलिक कालसर्प योग कब बनता है? जब राहु कुंडली के द्वितीय भाव में और…
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भारतीय ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प योग को बहुत ही प्रभावशाली और विशेष स्थान प्राप्त है। ये योग तब बनता है जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। इस योग के भी कई प्रकार होते हैं, और उनमें से एक है अनंत कालसर्प योग। अनंत कालसर्प योग क्या होता…

वासुकी कालसर्प योग, कालसर्प योग के बारह प्रकारों में से एक अत्यंत प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण योग माना जाता है। यह जातक के भाग्य, भाई-बहनों, शिक्षा और धर्म से जुड़े मामलों में विघ्न उत्पन्न करता है। वासुकी कालसर्प योग कब बनता है? जब राहु कुंडली के तृतीय भाव में और केतु नवम भाव में स्थित होते…

तक्षक कालसर्प योग जातक के जीवन में बार-बार उठने और गिरने की स्थिति पैदा करता है। इस योग के कारण व्यक्ति को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर निरंतर संघर्ष करना पड़ता है। यह योग विशेष रूप से अकस्मात होने वाले नुकसान, दुर्घटनाओं और धोखे का कारण माना जाता है। तक्षक कालसर्प योग कब बनता…

घातक कालसर्प योग जातक के जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियाँ खड़ी कर सकता है। यह योग न केवल परिवार और समाज में मान-सम्मान को गिराता है, बल्कि राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में प्रगति में भी बड़ी बाधा बनता है। घातक कालसर्प योग कब बनता है? जब राहु दसवें भाव में और केतु चौथे भाव…

शेषनाग कालसर्प योग को कालसर्प दोषों में सबसे अधिक प्रभावशाली और व्यापक माना जाता है। यह योग जातक के जीवन को हर दिशा से जकड़ लेता है — शिक्षा, नौकरी, विवाह, संतान, धन और स्वास्थ्य — सभी क्षेत्रों में विघ्न लाता है। यह योग कब बनता है? जब राहु बारहवें भाव (12th house) में और…

विशाक्त कालसर्प योग नाम से ही स्पष्ट है कि यह दोष जातक के जीवन में विष घोल देता है। मानसिक, शारीरिक और आर्थिक तीनों स्तर पर यह योग अत्यधिक कष्टदायक होता है। जातक का जीवन संघर्षों, बीमारियों और चिंता से भर जाता है। विशाक्त कालसर्प योग कब बनता है? जब राहु ग्यारहवें भाव (11वें घर)…

(राहु – 4th house, केतु – 10th house) कालसर्प योग तब बनता है जब राहु और केतु की धुरी के बीच सभी ग्रह स्थित हों। इनमें शंखपाल कालसर्प योग वह स्थिति है जब राहु चौथे भाव में और केतु दसवें भाव में हों। यह योग अक्सर घर–परिवार की शांति, भावनाओं, मानसिक स्थिरता, और करियर/प्रतिष्ठा को…
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जन्मकुंडली क्या है? जन्मकुंडली क्या है? जन्मकुंडली, जिसे अंग्रेजी में बर्थ चार्ट या हॉरोस्कोप कहा जाता है, एक ऐसा ज्योतिषीय दस्तावेज है जो किसी व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। यह व्यक्ति के जीवन की दिशा, स्वभाव, संभावित घटनाओं और अन्य पहलुओं को समझने का एक महत्वपूर्ण साधन है। जन्मकुंडली…

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। हममें से बहुत से लोग अपनी कुंडली के माध्यम से जानना चाहते हैं कि ग्रहों की वर्तमान स्थिति उनके जीवन को किस दिशा में ले जाएगी। ग्रहों की शुभ और अशुभ स्थिति से हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी, कैरियर, स्वास्थ्य और रिश्ते…

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