सूर्य राहू ग्रहण दोष पूजा

Original price was: ₹7,500.00.Current price is: ₹5,100.00.

सूर्य राहू ग्रहण दोष पूजा उन जातकों के लिए विशेष वैदिक अनुष्ठान है जिनकी कुंडली में सूर्य ग्रह राहु से प्रभावित होकर ग्रहण दोष बनाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य आत्मबल, मान-सम्मान, नेतृत्व, पिता और करियर का कारक है। राहु के प्रभाव से सूर्य कमजोर होने पर व्यक्ति को अपमान, आत्मविश्वास की कमी, करियर में रुकावट, वरिष्ठों से मतभेद और सरकारी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वैदिक विधि से की गई यह पूजा सूर्य और राहु ग्रह के असंतुलित प्रभाव को शांत कर आत्मबल, प्रतिष्ठा, स्पष्ट निर्णय क्षमता और करियर में स्थिरता प्रदान करती है।

Description

सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा — मान-सम्मान, करियर और आत्मबल की रक्षा हेतु विशेष अनुष्ठान

सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा — क्यों कराई जाती है?

जब कुंडली में सूर्य ग्रह के साथ राहु की युति बनती है, तो इसे सूर्य–राहु ग्रहण दोष कहा जाता है।
सूर्य आत्मबल, पिता, सम्मान, अधिकार, नेतृत्व और सरकारी कार्यों का कारक है, जबकि राहु भ्रम, छल, अचानक बाधाएँ और बदनामी उत्पन्न करता है।

इस युति के कारण व्यक्ति के मान-सम्मान, करियर और आत्मविश्वास पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
अक्सर देखा जाता है कि व्यक्ति योग्य होने के बावजूद अपमान, असफलता या झूठे आरोपों का सामना करता है।

ऐसे में उज्जैन की पावन भूमि पर विधिवत सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा करने से आत्मबल बढ़ता है, नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।


सूर्य–राहु ग्रहण दोष के कारण जीवन में आने वाली समस्याएँ

यदि कुंडली में सूर्य–राहु ग्रहण दोष हो तो व्यक्ति को निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • समाज या कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान की हानि
  • पिता से संबंधों में तनाव
  • सरकारी कार्यों में रुकावट
  • करियर में अचानक गिरावट
  • नेतृत्व क्षमता में कमी
  • आत्मविश्वास का कमजोर होना
  • कानूनी या प्रशासनिक समस्याएँ
  • झूठे आरोप या बदनामी

इन सभी समस्याओं के निवारण हेतु सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।


उज्जैन में ही क्यों करें सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा?

उज्जैन को ग्रह दोष निवारण की सिद्ध और पावन भूमि माना गया है।
यहाँ सिद्धवट घाट पर किए गए वैदिक अनुष्ठान शीघ्र और स्थायी फल प्रदान करते हैं।

  • अनुभवी विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्रानुसार पूजा
  • सूर्य और राहु ग्रह के विशेष मंत्र
  • नाम-गोत्र सहित संकल्प
  • वैदिक हवन, पूर्णाहुति एवं शांति पाठ

हजारों श्रद्धालुओं ने उज्जैन में सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा कर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव किया है।


सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा से मिलने वाले लाभ

✔ मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा
✔ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि
✔ करियर और व्यवसाय में स्थिरता
✔ सरकारी व प्रशासनिक कार्यों में सफलता
✔ पिता से संबंधों में सुधार
✔ नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति
✔ जीवन में स्पष्टता और सुरक्षा


सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा की विधि

हमारे विद्वान पंडित निम्न वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराते हैं:

  • संकल्प एवं गणेश पूजन
  • सूर्य एवं राहु ग्रह आवाहन
  • सूर्य–राहु बीज मंत्र जाप
  • वैदिक हवन
  • पूर्णाहुति एवं शांति पाठ

पूरी पूजा शास्त्रानुसार, गोपनीयता और श्रद्धा के साथ की जाती है।


सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा कौन करवा सकता है?

  • जिनकी कुंडली में सूर्य–राहु की युति हो
  • करियर या सरकारी कार्यों में बाधा झेल रहे लोग
  • जिनके मान-सम्मान को नुकसान पहुँच रहा हो
  • पिता से जुड़े कष्ट झेल रहे व्यक्ति
  • आत्मविश्वास और नेतृत्व में कमी महसूस करने वाले

पूजा की अवधि

लगभग 2 से 3 घंटे


पूजा बुकिंग के लिए आवश्यक जानकारी

कृपया पूजा बुक करते समय नीचे दिए गए सभी विवरण “Order Comment Box” में अवश्य लिखें

  • Full Name (पूरा नाम)
  • Father’s Name (पिता का नाम)
  • Date, Time & Place of Birth (जन्म तिथि, समय व स्थान)
  • Gotra (गोत्र)

📌 आपको पूजा की तारीख, समय और स्थान की जानकारी अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
📌 सभी अनुष्ठान वैदिक परंपरा और शास्त्रानुसार विद्वान पंडितों द्वारा सिद्धवट घाट, उज्जैन से किए जाते हैं।
📌 पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष प्रसादी आपके दिए गए पते पर भेजी जाती है।


सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा किसे करानी चाहिए?

जिनकी कुंडली में सूर्य–राहु की युति हो और करियर, मान-सम्मान या आत्मविश्वास से जुड़ी समस्याएँ हों, उन्हें यह पूजा करानी चाहिए।


Q2. क्या यह पूजा बिना कुंडली देखे करवाई जा सकती है?

यदि ग्रहण दोष के लक्षण स्पष्ट हों तो पूजा करवाई जा सकती है, लेकिन कुंडली उपलब्ध हो तो अधिक लाभकारी रहती है।


Q3. क्या पूजा में मेरा नाम और गोत्र लिया जाता है?

हाँ, पूजा आपके नाम, गोत्र और संकल्प के साथ की जाती है।


Q4. क्या मुझे स्वयं पूजा में उपस्थित रहना आवश्यक है?

नहीं। हमारे विद्वान पंडित आपकी ओर से विधिवत पूजा संपन्न करते हैं


Q5. पूजा के बाद क्या प्राप्त होता है?

पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष प्रसादी आपके दिए गए पते पर भेजी जाती है।


Q6. पूजा का प्रभाव कब से दिखाई देता है?

दोष की तीव्रता के अनुसार कई भक्तों को कुछ ही समय में आत्मबल और जीवन में सकारात्मक बदलाव अनुभव होने लगता है।


आज ही सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा बुक करें

मान-सम्मान, आत्मबल और करियर की रक्षा के लिए उज्जैन की पावन भूमि पर विधिवत सूर्य–राहु ग्रहण दोष पूजा कराएँ।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “सूर्य राहू ग्रहण दोष पूजा”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related products