Description
🕉️ कालसर्प दोष निवारण पूजा क्यों कराया जाता है?
कालसर्प दोष तब बनता है जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के मध्य में आ जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे अत्यंत प्रभावशाली दोष माना गया है जो व्यक्ति के जीवन में मानसिक, शारीरिक और आर्थिक असंतुलन पैदा करता है।
बार-बार असफलता, डरावने सपने, पारिवारिक विवाद, या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ इस दोष के सामान्य लक्षण हैं। उज्जैन कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान इस दोष से मुक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
✨ लाभ (Benefits)
- मानसिक तनाव और भय से मुक्ति मिलती है।
- बुरे सपनों का प्रभाव समाप्त होता है।
- रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं।
- व्यापार और करियर में उन्नति होती है।
- राहु-केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।
- घर-परिवार में सुख और स्थिरता आती है।
🔱 जाप / पूजा विधि (Puja Process)
- संकल्प: आपके नाम, गोत्र और जन्म विवरण के साथ संकल्प लिया जाता है।
- नवग्रह पूजन: नौ ग्रहों का आवाहन कर शांति अनुष्ठान किया जाता है।
- मंत्र जाप: राहु-केतु के 18,000 मंत्रों का जप 5 वेदज्ञ पंडितों द्वारा किया जाता है।
- हवन: राहु-केतु शांति हवन, कालसर्प दोष निवारण यज्ञ एवं पवित्र आहुति।
- दान एवं विप्र भोजन: चांदी के नाग-नागिन का दान और ब्राह्मण भोजन।
- प्रसाद वितरण: पूजा पूर्ण होने के पश्चात प्रसाद और फोटो/वीडियो रिपोर्ट आपके घर भेजी जाती है।
💻 पूरी पूजा में आप वीडियो कॉल के माध्यम से घर बैठे सम्मिलित हो सकते हैं।
📜 पूजा बुकिंग के लिए आवश्यक जानकारी
बुकिंग करते समय कृपया ये विवरण अवश्य दें:
- पूरा नाम (Full Name)
- पिता का नाम (Father’s Name)
- जन्म तिथि, समय और स्थान (Date/Time/Place of Birth)
- गोत्र (Gotra)
🌺 पूजा का महत्व (Importance)
कालसर्प दोष व्यक्ति के जीवन में समय, भाग्य और कर्म के बीच असंतुलन लाता है। उज्जैन में यह अनुष्ठान करवाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और ग्रह शांति स्थापित होती है।
यह पूजा व्यक्ति को मानसिक बल, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख प्रदान करती है।
🌳 क्यों कराएं Siddhvat Ghat Ujjain से?
सिद्धवट घाट, उज्जैन का सबसे प्राचीन और सिद्ध स्थान है — जहाँ पवित्र शिप्रा नदी बहती है और कल्पवृक्ष (वट वृक्ष) स्थित है। यह स्थान स्कंद पुराण में वर्णित है और कहा गया है कि यहाँ की गई पूजा से “सभी मनोकामनाएँ सिद्ध होती हैं।”
सिद्धवट के नीचे किया गया कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान अत्यंत फलदायी और त्वरित परिणाम देने वाला होता है।
🌿 सिद्धवट घाट पर की गई पूजा से समस्त दोष शांत होकर जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।
❓ FAQ
Q1: क्या कालसर्प दोष निवारण पूजा ऑनलाइन कराई जा सकती है?
हाँ, यह पूजा वीडियो कॉलिंग के माध्यम से घर बैठे कराई जा सकती है।
Q2: क्या मुझे उज्जैन उपस्थित होना आवश्यक है?
नहीं, यदि आप दूर हैं तो पंडितजी आपकी ओर से संपूर्ण विधि से पूजा कराते हैं।
Q3: क्या पूजा के प्रमाण या फोटो मिलते हैं?
हाँ, पूजा पूर्ण होने के बाद फोटो, वीडियो और प्रसाद आपके पते पर भेजे जाते हैं।
Q4: कालसर्प दोष पूजा का सबसे शुभ समय कौन सा है?
नाग पंचमी, श्रावण मास, अमावस्या, और महाशिवरात्रि के समय यह पूजा सर्वाधिक फलदायी मानी जाती है।









Gourav Jain –
Pooja mein shamil hone se mujhe apni adhyatmik aatma se jude rehne aur jeevan ke ghum se shanti mili.
Sanjeev kumar –
Pooja mein shamil hone se meri aatma ko poshan mila. Main pavitrata se bhara hua aur adhyatmik aatmavikas se paripurn mahsoos kar raha hoon.