नवग्रह शांति पूजा

(1 customer review)
Original price was: ₹5,100.00.Current price is: ₹3,500.00.

क्या आपकी कुंडली में नवग्रहों की प्रतिकूल दशा, महादशा या अंतरदशा चल रही है, जिसके कारण करियर में रुकावट, व्यापारिक हानि, पारिवारिक क्लेश, अकारण भय, मानसिक तनाव या विवाह/स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है? वैदिक ज्योतिष में नवग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) हमारे कर्मों और जीवन की परिस्थितियों को संचालित करते हैं। महाकाल की पावन नगरी अवंतिका (उज्जैन) स्थित अति जाग्रत सिद्धवट घाट (शिप्रा तट) पर 5 वेदज्ञ कर्मकांडी आचार्यों द्वारा नाम-गोत्र संकल्प, नवग्रह आवाहन, वरुण कलश पूजन, नवग्रह मंत्र जाप, शांति महाहवन व विशेष दान का विधान संपन्न कराया जाता…

ब्राह्मण भोज

पंडित दक्षिणा

गो सेवा

पितृ मोक्ष तर्पणम

पूर्वजों की शांति के लिए गंगाजल, तिल और तुलसी पत्र के साथ तर्पण

Product price: ₹3,500.00
Total options:
Order total:

Description

नवग्रह शांति पूजा क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त व ज्योतिषीय महत्व)

वैदिक ज्योतिष और पौराणिक संहिताओं के अनुसार, जीवन की परिस्थितियाँ और मानसिक-शारीरिक अवस्थाएँ ग्रह दशाओं के प्रभाव से संचालित होती हैं। जब कुंडली में एक या अधिक ग्रह अशुभ, नीच, अस्त या पाप ग्रहों से पीड़ित होते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में अचानक परेशानियाँ, रुकावटें, बीमारियाँ और मानसिक अशांति बढ़ने लगती है। उज्जैन के सिद्धवट घाट पर नवग्रह शांति पूजा कराने से सभी नौ ग्रहों की प्रतिकूलता समाप्त होती है। यह अनुष्ठान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, अटके हुए कार्यों को गति देता है और परिवार में सुख-समृद्धि लाता है।

कुंडली में नवग्रह दोष के मुख्य लक्षण:

  • करियर, नौकरी और व्यापार में बार-बार रुकावटें आना और आर्थिक अस्थिरता।
  • पारिवारिक जीवन में तनाव, अकारण विवाद और मधुर संबंधों का अभाव।
  • विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा, एकाग्रता की कमी और निर्णय लेने में भ्रम।
  • विवाह में विलंब या वैवाहिक जीवन में निरंतर क्लेश बना रहना।
  • लंबे समय से चली आ रही बीमारियाँ, मानसिक तनाव, डिप्रेशन या अकारण दुर्घटनाओं का भय।

उज्जैन सिद्धवट घाट से ही यह पूजा क्यों कराएं?

उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित काल गणना का मुख्य केंद्र है और यहाँ भगवान शिव महाकाल के रूप में काल (समय) के देवता बनकर विराजमान हैं। सप्तपुरियों में श्रेष्ठ उज्जैन में ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ, अष्ट भैरव और पवित्र क्षिप्रा नदी का संगम इसे अति सिद्ध स्थान बनाता है:

  • अक्षय सिद्धवट वृक्ष: स्कंद पुराण में वर्णित सिद्धवट (कल्पवृक्ष) के पावन तट पर की गई नवग्रह पूजा का फल अनंत गुना होकर शीघ्र प्राप्त होता है।
  • 5 वेदज्ञ आचार्यों द्वारा पूजन: उज्जैन के कर्मकांडी आचार्यों द्वारा शुद्ध वैदिक रीति, सस्वर मन्त्रोच्चार और शास्त्रोक्त परंपरा से अनुष्ठान।
  • वरुण कलश व शांति हवन: जल देव वरुण एवं समस्त ग्रहों का आवाहन कर दोष शांति हेतु विशेष हवन व दान विधान।

अनुष्ठान की प्रामाणिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. शास्त्रोक्त संकल्प (Sankalp): यजमान के नाम, पिता के नाम, जन्म विवरण और गोत्र के साथ नवग्रह दोष निवारण संकल्प।
  2. गणपति व वरुण कलश पूजन: विघ्नहर्ता श्री गणेश पूजन के साथ ग्रहों के दुष्प्रभाव शांत करने हेतु विशेष वरुण कलश स्थापना।
  3. नवग्रह मण्डल पूजन: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु—सभी नौ ग्रहों का आवाहन, ध्यान व षोडशोपचार पूजन।
  4. नवग्रह वैदिक मंत्र जाप: 5 विद्वान आचार्यों द्वारा प्रत्येक ग्रह के लिए निर्धारित वैदिक व पौराणिक मंत्रों का सस्वर पाठ।
  5. नवग्रह शांति महाहवन (Havan): विशेष समिधाओं, हविष्य, तिल व घी द्वारा नवग्रहों की प्रसन्नता हेतु आहुतियाँ अर्पण।
  6. आरती, दान व पूर्ण आहुति: नवग्रह आरती, ग्रह संबंधी वस्तुओं का दान, विप्र दक्षिणा एवं मंगल आशीर्वाद।

इस अनुष्ठान से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • ग्रह दोषों से मुक्ति: सभी नौ ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं और शुभ ग्रहों की शक्ति बढ़ती है।
  • करियर व व्यापार में उन्नति: अटके हुए काम पूरे होते हैं, नौकरी में पदोन्नति और व्यापार में आर्थिक लाभ होता है।
  • पारिवारिक सुख व शांति: परिवार में चल रहे कलह और तनाव समाप्त होकर मधुर संबंध बनते हैं।
  • विवाह व शिक्षा में सफलता: विवाह योग्य जातकों के मार्ग की रुकावटें दूर होती हैं तथा विद्यार्थियों को एकाग्रता मिलती है।
  • आरोग्य व सुरक्षा: मानसिक तनाव, पुरानी बीमारियों और अचानक आने वाले संकटों व दुर्घटनाओं से रक्षा होती है।

पूजा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)

नोट: बुकिंग के पश्चात अनुष्ठान की तिथि, समय और स्थान की पूर्ण सूचना आपको व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या नवग्रह शांति पूजा ऑनलाइन हो सकती है?
उत्तर: हाँ, आप घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं और वीडियो कॉल के माध्यम से लाइव अनुष्ठान में सहभागिता कर सकते हैं।

Q2. क्या पूजा के समय मेरी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है?
उत्तर: नहीं, आपकी उपस्थिति वैकल्पिक है। हमारे विद्वान पंडित आपके नाम-गोत्र का संकल्प लेकर पूरी विधि से पूजन संपन्न करेंगे, जिससे आपको पूर्ण फल प्राप्त होगा।

Q3. क्या पूजा की रिपोर्ट, फोटो या वीडियो मिलेगा?
उत्तर: हाँ, पूजा पूर्ण होने के पश्चात आपको अनुष्ठान के फोटो, संकल्प/हवन वीडियो और सिद्धवट से अभिमंत्रित प्रसादी आपके पते पर भेजी जाएगी।

Q4. यह पूजा कब करानी चाहिए?
उत्तर: जब कुंडली में ग्रहों की दशा प्रतिकूल हो, जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हों, या सुख-शांति हेतु समय-समय पर यह पूजा कराना अत्यंत लाभकारी और कल्याणकारी माना गया है।

1 review for नवग्रह शांति पूजा

  1. Anup Bhomia –

    Pooja ne mere man ko spashtata di aur mere dil ko sukh aur samriddhi di. Main us anushthan ke liye abhaari hoon.

Add a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related products