नागबली नारायण बली

Original price was: ₹21,000.00.Current price is: ₹15,000.00.

क्या आपके परिवार में लगातार अकाल मृत्यु, संतान प्राप्ति में रुकावट, वंश वृद्धि में बाधा या धन-व्यापार में अकारण घाटा हो रहा है? धर्मशास्त्रों में ‘नागबली-नारायण बली’ को पितृ दोष, सर्प शाप और असामयिक मृत्यु प्राप्त आत्माओं की शांति हेतु सर्वाधिक महत्वपूर्ण व अंतिम वैदिक विधान माना गया है। उज्जैन की पावन सिद्ध भूमि सिद्धवट घाट पर विद्वान आचार्यों द्वारा तर्पण, पिंडदान, नागबली कर्म एवं आपके नाम-गोत्र संकल्प के साथ यह 2-दिवसीय अनुष्ठान कराएं और पितरों के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि पाएं। स्थान: सिद्धवट घाट, उज्जैन (पितृ मुक्ति व तर्पण सिद्ध पीठ) समय अवधि: 2 से 3 दिन की पूर्ण शास्त्रोक्त…

ब्राह्मण भोज

पंडित दक्षिणा

गो सेवा

पितृ मोक्ष तर्पणम

पूर्वजों की शांति के लिए गंगाजल, तिल और तुलसी पत्र के साथ तर्पण

Product price: ₹15,000.00
Total options:
Order total:

Description

नागबली–नारायण बली पूजा क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त महत्व)

जब किसी परिवार में पूर्वजों या किसी परिजन की मृत्यु अकाल (दुर्घटना, सर्पदंश, जलने, डूबने या असामयिक बीमारी) से होती है, तो उनकी आत्मा की तृप्ति न होने से ‘पितृ दोष’ का निर्माण होता है। नारायण बली पूजा अकाल मृत्यु प्राप्त आत्माओं की सद्गति के लिए की जाती है, जबकि नागबली पूजा अनजाने में हुए सर्प वध या नाग दोष (सर्प शाप) के निवारण हेतु की जाती है। इन दोनों अनुष्ठानों को संयुक्त रूप से करने पर ही वंश पर मंडरा रहा भारी दोष समाप्त होता है और वंश वृद्धि का मार्ग खुलता है।

पितृ दोष व नाग दोष के मुख्य लक्षण (यदि आप इनका सामना कर रहे हैं):

  • परिवार में बार-बार अकारण या कम उम्र में अकाल मृत्यु होना।
  • चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ होने के बाद भी संतान प्राप्ति न होना या वंश का आगे न बढ़ना।
  • कड़ी मेहनत के बावजूद व्यापार और करियर में लगातार भारी धन हानि व असफलता मिलना।
  • परिवार में मांगलिक कार्यों का रुक जाना या विवाह में अत्यधिक विलंब होना।
  • सपनों में बार-बार सांप दिखना, पूर्वजों का दिखना या बेवजह का मानसिक भय व अशांति।

उज्जैन सिद्धवट घाट पर पूजा कराने का महात्म्य (अथॉरिटी एवं प्रामाणिकता)

उज्जैन (अवंतिका नगरी) को गरुड़ पुराण और स्कंद पुराण में मोक्ष प्रदायिनी और श्राद्ध/तर्पण कर्म के लिए गया जी के समान ही परम सिद्ध क्षेत्र माना गया है।

  • सिद्धवट घाट (मोक्ष तीर्थ): पावन शिप्रा तट पर स्थित सिद्धवट क्षेत्र में वट वृक्ष की छाया में किया गया पिंड दान और तर्पण सीधे पितरों को तृप्त करता है।
  • 2-दिवसीय शास्त्रीय विधान: यह कोई सामान्य पूजा नहीं है, बल्कि दो दिनों तक चलने वाली अत्यंत सूक्ष्म, पवित्र और वेदज्ञ पंडितों द्वारा की जाने वाली शास्त्रीय प्रक्रिया है।
  • व्यक्तिगत नाम-गोत्र संकल्प: यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते, तो भी पंडित जी आपके नाम, पिता के नाम और गोत्र का शुद्ध संकल्प लेकर यह अनुष्ठान संपन्न कराते हैं।

नागबली–नारायण बली की प्रामाणिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. प्रथम दिवस (नारायण बली कर्म): गणेश पूजन, संकल्प, एकादश श्राद्ध कर्म, पंचदेव पूजन, तर्पण एवं विशेष पिंडदान विधि।
  2. द्वितीय दिवस (नागबली कर्म): नाग देवता का आवाहन, स्वर्ण/चांदी/आटे के नाग-नागिन की शास्त्रोक्त विधि से शांति व दान।
  3. विशेष हवन व मन्त्र जाप: पितृ शांति मंत्र, राहु-केतु व नवग्रह शांति हेतु वैदिक यज्ञ आहुति।
  4. पूर्णाहुति व विप्र भोजन: महा आरती, ब्राह्मण भोजन, दान-दक्षिणा एवं पितृ आशीर्वाद ग्रहण।

इस अनुष्ठान से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • पितृ दोष से स्थायी मुक्ति: असंतृप्त आत्माओं को शांति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • संतान सुख व वंश वृद्धि: संतान प्राप्ति के मार्ग में आ रही ज्योतिषीय रुकावटें समाप्त होती हैं।
  • व्यापार व करियर में उन्नति: आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और रुकी हुई प्रगति पुन: शुरू होती है।
  • अकाल मृत्यु व दुर्घटनाओं से सुरक्षा: परिवार पर आ रहे संकट और अनिष्टों का निवारण होता है।

पूजा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)

नोट: पूजा की शुभ तिथि और समय की जानकारी आपको बुकिंग के बाद व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या नागबली-नारायण बली पूजा जीवन में बार-बार करानी पड़ती है?
उत्तर: नहीं, शास्त्रों के अनुसार यदि यह अनुष्ठान उज्जैन जैसी सिद्ध भूमि पर पूर्ण वैदिक विधि से एक बार करा लिया जाए, तो इसका स्थायी फल मिलता है और दोष का शमन हो जाता है।

Q2. क्या मुझे स्वयं इस पूजा के लिए उज्जैन में उपस्थित रहना आवश्यक है?
उत्तर: नहीं, यदि आप व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, तो हमारे विद्वान पंडित आपके नाम और गोत्र का संकल्प लेकर पूरी विधि-विधान से यह पूजा संपन्न करते हैं।

Q3. क्या यह पूजा महिलाओं की ओर से भी कराई जा सकती है?
उत्तर: हाँ, परिवार की शांति, संतान सुख या पितृ मुक्ति हेतु महिलाएँ भी अपने नाम-गोत्र से यह अनुष्ठान करवा सकती हैं।

Q4. पूजा के बाद प्रसाद में क्या भेजा जाता है?
उत्तर: अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद सिद्धवट घाट से अभिमंत्रित प्रसादी, रक्षासूत्र और भस्म आपके दिए गए पते पर कूरियर द्वारा सुरक्षित भेज दी जाती है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “नागबली नारायण बली”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related products