Description
चांडाल दोष पूजा — जीवन की बाधाओं, मानसिक भ्रम और दुर्भाग्य निवारण हेतु विशेष अनुष्ठान
चांडाल दोष पूजा — क्यों कराई जाती है?
जब कुंडली में गुरु ग्रह के साथ राहु या केतु की युति बनती है, तो उसे चांडाल दोष कहा जाता है।
गुरु ज्ञान, धर्म और सही मार्ग का कारक है, जबकि राहु-केतु भ्रम और असंतुलन पैदा करते हैं।
इस कारण व्यक्ति को सही और गलत में अंतर समझने में कठिनाई होती है।
ऐसे में उज्जैन की पावन भूमि पर विधिवत चांडाल दोष पूजा करने से जीवन में आ रही अदृश्य बाधाएँ दूर होती हैं और व्यक्ति को सही दिशा प्राप्त होती है।
कई बार व्यक्ति मेहनत करता है, लेकिन निर्णय गलत हो जाते हैं, रिश्ते बिगड़ जाते हैं और भाग्य साथ नहीं देता — यह चांडाल दोष का प्रमुख प्रभाव माना जाता है।
चांडाल दोष के कारण जीवन में आने वाली समस्याएँ
यदि कुंडली में चांडाल दोष हो तो व्यक्ति को निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
- बार-बार गलत निर्णय लेना
- मानसिक भ्रम और अस्थिरता
- करियर या व्यवसाय में अचानक गिरावट
- समाज में अपमान या बदनामी
- गुरु, पिता या मार्गदर्शक से मतभेद
- धर्म और आस्था से दूरी
- विवाह और संतान सुख में बाधा
- जीवन में दुर्भाग्य का अनुभव
इन सभी समस्याओं के निवारण हेतु चांडाल दोष पूजा अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
उज्जैन में ही क्यों करें चांडाल दोष पूजा?
उज्जैन को नवग्रह एवं दोष निवारण की सिद्ध भूमि माना गया है।
यहाँ सिद्धवट घाट पर किए गए वैदिक अनुष्ठान शीघ्र फल देते हैं।
- अनुभवी विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्रानुसार पूजा
- गुरु, राहु एवं केतु के विशेष मंत्र
- नाम-गोत्र सहित संकल्प
- हवन, पूर्णाहुति एवं शांति पाठ
हजारों श्रद्धालुओं ने उज्जैन में चांडाल दोष पूजा कर जीवन में स्थिरता और सकारात्मक परिवर्तन अनुभव किया है।
चांडाल दोष पूजा से मिलने वाले लाभ
✔ मानसिक भ्रम और नकारात्मकता से मुक्ति
✔ सही निर्णय लेने की क्षमता
✔ भाग्य में सुधार
✔ करियर और व्यवसाय में स्थिरता
✔ गुरु कृपा की प्राप्ति
✔ पारिवारिक और सामाजिक सम्मान
✔ आध्यात्मिक शांति और संतुलन
चांडाल दोष पूजा की विधि
हमारे विद्वान पंडित निम्न वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराते हैं:
- संकल्प एवं गणेश पूजन
- गुरु, राहु-केतु ग्रह आवाहन
- विशेष बीज मंत्र जाप
- वैदिक हवन
- पूर्णाहुति एवं शांति पाठ
पूरी पूजा शास्त्रानुसार, गोपनीयता और श्रद्धा के साथ की जाती है।
चांडाल दोष पूजा कौन करवा सकता है?
- जिनकी कुंडली में चांडाल दोष हो
- बार-बार गलत निर्णय लेने वाले व्यक्ति
- करियर या व्यवसाय में अचानक नुकसान झेल रहे लोग
- मानसिक अस्थिरता और भ्रम से परेशान व्यक्ति
- जिनके जीवन में भाग्य का साथ न मिल रहा हो
पूजा की अवधि
लगभग 2 से 3 घंटे
पूजा बुकिंग के लिए आवश्यक जानकारी
कृपया पूजा बुक करते समय नीचे दिए गए सभी विवरण “Order Comment Box” में अवश्य लिखें —
- Full Name (पूरा नाम)
- Father’s Name (पिता का नाम)
- Date, Time & Place of Birth (जन्म तिथि, समय व स्थान)
- Gotra (गोत्र)
📌 आपको पूजा की तारीख, समय और स्थान की जानकारी अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
📌 सभी अनुष्ठान वैदिक परंपरा और शास्त्रानुसार विद्वान पंडितों द्वारा सिद्धवट घाट, उज्जैन से किए जाते हैं।
📌 पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष प्रसादी आपके पते पर भेजी जाती है।
चांडाल दोष पूजा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. चांडाल दोष पूजा किसे करानी चाहिए?
जिनकी कुंडली में गुरु-राहु या गुरु-केतु की युति हो और जीवन में भ्रम, असफलता या अपमान का सामना करना पड़ रहा हो, उन्हें यह पूजा करानी चाहिए।
Q2. क्या बिना कुंडली देखे यह पूजा करवाई जा सकती है?
यदि जीवन में चांडाल दोष के लक्षण स्पष्ट हों तो पूजा करवाई जा सकती है, लेकिन कुंडली उपलब्ध हो तो अधिक उत्तम रहता है।
Q3. क्या पूजा में मेरा नाम और गोत्र लिया जाता है?
हाँ, पूजा आपके नाम, गोत्र और संकल्प के साथ की जाती है।
Q4. क्या मुझे स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है?
नहीं। हमारे विद्वान पंडित आपकी ओर से पूर्ण विधि-विधान से पूजा संपन्न करते हैं।
Q5. पूजा के बाद क्या प्राप्त होता है?
पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष प्रसादी आपके पते पर भेजी जाती है।
Q6. पूजा का प्रभाव कब से दिखाई देता है?
दोष की तीव्रता के अनुसार कई भक्तों को कुछ ही समय में मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव अनुभव होने लगता है।
आज ही चांडाल दोष पूजा बुक करें
जीवन की नकारात्मक बाधाओं, भ्रम और दुर्भाग्य से मुक्ति पाने के लिए
उज्जैन की पावन भूमि पर विधिवत चांडाल दोष पूजा कराएँ।









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