Description
नागबली–नारायण बली पूजा — पितृ दोष, नाग दोष और अकाल मृत्यु दोष निवारण हेतु विशेष वैदिक अनुष्ठान
नागबली–नारायण बली पूजा — क्यों कराई जाती है?
नागबली–नारायण बली पूजा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शास्त्रसम्मत वैदिक अनुष्ठान है, जो उन दोषों के निवारण हेतु की जाती है जो अकाल मृत्यु, पितृ दोष, नाग दोष या अधूरी आत्मा की शांति से जुड़े होते हैं।
जब किसी व्यक्ति की मृत्यु
- कम आयु में
- दुर्घटना, आत्महत्या, डूबने, जलने
- सर्पदंश
- अचानक या असामयिक रूप से
हो जाती है, तो उनकी आत्मा को शांति नहीं मिल पाती।
ऐसी स्थिति में वंशजों के जीवन में लगातार बाधाएँ, संतान कष्ट, विवाह विलंब, धन हानि और मानसिक अशांति बनी रहती है।
👉 नारायण बली पूजा अकाल मृत्यु प्राप्त आत्मा की शांति हेतु की जाती है
👉 नागबली पूजा नाग दोष और सर्प शाप के निवारण हेतु की जाती है
दोनों को साथ करने पर यह अनुष्ठान पूर्ण पितृ दोष निवारण माना जाता है।
नागबली–नारायण बली किन समस्याओं में आवश्यक होती है?
यह पूजा निम्न परिस्थितियों में विशेष रूप से कराई जाती है:
- कुंडली में प्रबल पितृ दोष
- परिवार में बार-बार अकाल मृत्यु
- संतान प्राप्ति में बाधा
- विवाह में विलंब या टूटन
- धन, करियर और व्यवसाय में लगातार रुकावट
- मानसिक तनाव और भय
- नाग दोष या सर्प शाप के संकेत
यह पूजा वंश दोष शांति के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।
उज्जैन में ही क्यों करें नागबली नारायण बली पूजा?
उज्जैन को पितृ दोष, नाग दोष और श्राद्ध कर्म की सिद्ध भूमि माना गया है।
यहाँ सिद्धवट घाट पर की गई नागबली–नारायण बली पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
- अनुभवी विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्रानुसार अनुष्ठान
- वैदिक विधि से नारायण बली एवं नागबली कर्म
- नाम-गोत्र सहित संकल्प
- तर्पण, पिंडदान और हवन
हजारों श्रद्धालुओं ने उज्जैन में यह पूजा कर
पितृ दोष से मुक्ति और जीवन में स्थिरता अनुभव की है।
नागबली नारायण बली पूजा से मिलने वाले लाभ
✔ पितृ दोष और वंश दोष का शमन
✔ अकाल मृत्यु प्राप्त आत्मा को शांति
✔ नाग दोष और सर्प शाप से मुक्ति
✔ संतान प्राप्ति में आ रही बाधाओं का निवारण
✔ विवाह और दांपत्य जीवन में सुधार
✔ धन, करियर और व्यवसाय में प्रगति
✔ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
नागबली नारायण बली पूजा की विधि
यह पूजा 2 दिन में पूर्ण वैदिक विधि से संपन्न की जाती है:
- संकल्प एवं गणेश पूजन
- नारायण बली कर्म (पिंडदान एवं तर्पण)
- नागबली कर्म (नाग देवता पूजन)
- विशेष वैदिक मंत्र जाप
- हवन एवं पूर्णाहुति
पूरी प्रक्रिया शास्त्रानुसार, गोपनीयता और श्रद्धा के साथ की जाती है।
नागबली नारायण बली पूजा कौन करवा सकता है?
- जिनकी कुंडली में पितृ दोष हो
- जिनके परिवार में अकाल मृत्यु हुई हो
- संतान, विवाह या धन संबंधी समस्या वाले
- नाग दोष या सर्प शाप से पीड़ित
- जिनके जीवन में बिना कारण बाधाएँ आ रही हों
पूजा की अवधि
लगभग 2 से 3 दिन
पूजा बुकिंग के लिए आवश्यक जानकारी
कृपया पूजा बुक करते समय नीचे दिए गए सभी विवरण “Order Comment Box” में अवश्य लिखें —
- Full Name (पूरा नाम)
- Father’s Name (पिता का नाम)
- Date, Time & Place of Birth (जन्म तिथि, समय व स्थान)
- Gotra (गोत्र)
📌 आपको पूजा की तारीख, समय और स्थान की जानकारी अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
📌 सभी अनुष्ठान वैदिक परंपरा और शास्त्रानुसार विद्वान पंडितों द्वारा सिद्धवट घाट, उज्जैन से किए जाते हैं।
📌 पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष प्रसादी आपके दिए गए पते पर भेजी जाती है।
नागबली नारायण बली पूजा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. नागबली–नारायण बली पूजा किसे करानी चाहिए?
जिनके जीवन में पितृ दोष, अकाल मृत्यु दोष या नाग दोष के कारण लगातार समस्याएँ आ रही हों, उन्हें यह पूजा करानी चाहिए।
Q2. क्या यह पूजा केवल पुरुषों के लिए होती है?
नहीं। यह पूजा पुरुष और महिला दोनों की ओर से कराई जा सकती है।
Q3. क्या यह पूजा जीवन में एक बार ही करनी होती है?
हाँ। शास्त्रों के अनुसार यह पूजा एक बार विधिपूर्वक करने पर दोष का स्थायी शमन करती है।
Q4. क्या मुझे स्वयं उपस्थित रहना आवश्यक है?
नहीं। हमारे विद्वान पंडित आपकी ओर से पूर्ण विधि-विधान से पूजा संपन्न करते हैं।
Q5. पूजा के बाद क्या प्राप्त होता है?
पूजा पूर्ण होने के पश्चात विशेष पितृ एवं वैदिक प्रसादी आपके पते पर भेजी जाती है।
Q6. पूजा का प्रभाव कब से दिखाई देता है?
अनेक श्रद्धालुओं को पूजा के कुछ समय बाद जीवन में रुकावटों में कमी और मानसिक शांति अनुभव होने लगती है।
आज ही नागबली नारायण बली पूजा बुक करें
पितृ दोष, नाग दोष और अकाल मृत्यु दोष से मुक्ति पाने के लिए उज्जैन की पावन भूमि पर विधिवत नागबली–नारायण बली पूजा कराएँ।









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