

(राहु – 4th house, केतु – 10th house) कालसर्प योग तब बनता है जब राहु और केतु की धुरी के बीच सभी ग्रह स्थित हों। इनमें शंखपाल कालसर्प योग वह स्थिति है जब राहु चौथे भाव में और केतु दसवें भाव में हों। यह योग अक्सर घर–परिवार की शांति, भावनाओं, […]
Posted by
–

सूर्य ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व: एक गहरी समझ सूर्य ग्रहण का भारतीय ज्योतिष में बहुत महत्व है। यह एक प्राकृतिक घटना है, जब चंद्रमा सूर्य के सामने आकर उसे पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेता है। ग्रहण का समय विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है और इसे […]
Posted by
–

कुंडली में चंद्र ग्रहण का प्रभाव: जीवन पर असर और उपाय चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी चंद्रमा को पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेती है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्र ग्रहण का व्यक्ति की कुंडली […]
Posted by
–

कुंडली में पितृ दोष और उसके उपाय: जीवन में शांति और समृद्धि के लिए मार्गदर्शन ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष का विशेष महत्व है। यह दोष तब उत्पन्न होता है जब हमारे पूर्वजों की आत्मा असंतुष्ट होती है, और उनका आशीर्वाद हमें प्राप्त नहीं होता। पितृ दोष के कारण व्यक्ति […]

उज्जैन कालसर्प पूजा उज्जैन पूजा कालसर्प दोष कुंडली-दोष कुंडली दोष निवारण ग्रह शांति ग्रहों-का-प्रभाव ग्रहों का असर ज्योतिष ज्योतिष उपाय ज्योतिष और स्वास्थ्य ज्योतिष रत्न ज्योतिषीय-उपाय ज्योतिषीय ग्रह नाग पूजा पन्ना रत्न बुध ग्रह भारतीय ज्योतिष मंगल-दोष मंगल ग्रह मंगल ग्रह का प्रभाव मंगलनाथ मंदिर मानसिक शांति राशि और स्वास्थ्य राशि के अनुसार आहार राशिफल और स्वास्थ्य राहु केतु दोष शनि के उपाय शनि पूजा सिद्धवट