Description
सूर्य दोष निवारण पूजा क्यू किया जाए – सूर्य दोष कुंडली में सूर्य के साथ राहू या केतू के विराजमान होने से प्रायः उत्पन्न होता है।
सूर्य ग्रहों के राजा हैं और भगवान राम भी इनकी उपासना अपने जीवन में तेज और शांति की प्राप्ति के लिए किया करते थे पुराणों में बाली ने भी त्रिकाल संध्या की अर्थात सूर्य पूजन किया ऐसा रहस्य बताया गया है।
सूर्य दोष निवारण पूजा के लाभ –
(1)सम्मान और शारीरिक तेज में वृद्धि।
(2)आपसी घरेलू मतभेद खत्म होते है।
(3)सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति
राजसिक लाभ और राजनीतिक सफलता मिलती है।
(4)अटके हुए सभी कार्य पूरे होने लगते हैं।
सूर्य ग्रह शांति पूजन –
आप घर बैठे ऑनलाइन पूजा में शामिल हो सकते है जी हा आपने बिलकुल ठीक सुना।
पूजा के पश्चात आपके घर के पते पर हम विशेष प्रसादी भी भेजते हैं ।
ग्रह शांति या कुंडली पूजा उज्जैन में ही क्यों?
ज्योतिष के अनुसार उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है और काल गणना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उज्जैन में भगवन श्री शिव, महाकाल के रूप में विराजित है और महाकाल को हम समय के देवता के रूप में पूजते है। उज्जैन सप्तपुरियों में से एक है जो की सनातन धर्म की एक प्रमुख तीर्थनगरी भी है। यहाँ एक ज्योतिर्लिंग, एक शक्तिपीठ, एक महाशक्तिपीठ, अष्ट भैरव, जागृत शमशान, एक कल्पवृक्ष और नदियों में श्रेष्ठ शिप्रा बहती है। इसीलिए इन पूजा का महत्त्व उज्जैन के करवाने के कारण बढ़ जाता है। हम यह पूजा सिद्धवट घाट पर करवाते है जो की उज्जैन का सबसे प्राचीन और चमत्कारिक घाट है जहाँ पूजा करने से सारी मनोकामनायें पूरी होती है। सिद्धवट घाट पर अति प्राचीन कल्पवृक्ष जिसे सिद्धवट के नाम से भी जाना जाता है यह पूजा उस वट वृक्ष के नीचे होने से और भी ज्यादा फलदायी हो जाती है।








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