बगलामुखी अनुष्ठान

Original price was: ₹51,000.00.Current price is: ₹35,000.00.

क्या आप लंबे समय से चल रहे जटिल कोर्ट-कचहरी के मुकदमों, प्रबल व गुप्त शत्रुओं के षड्यंत्रों, झूठे आरोपों, राजनीतिक या व्यावसायिक विरोध, अथवा तीव्र तंत्र बाधा व नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से जीवन में लगातार पराजय और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं? दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माँ बगलामुखी (पीतांबरा) को शत्रुओं की बुद्धि, वाणी और क्रियाशक्ति का पूर्ण रूप से स्तंभन करने वाली सर्वोच्च महासत्ता माना गया है। आगर मालवा (म.प्र.) स्थित स्वयंभू व जाग्रत बगलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा सिद्ध शक्तिपीठ में विद्वान तांत्रिक व वेदज्ञ आचार्यों द्वारा बगलामुखी मूल/बीज मंत्र का दीर्घकालिक सस्वर जाप, पीतांबरा…

ब्राह्मण भोज

पंडित दक्षिणा

गो सेवा

पितृ मोक्ष तर्पणम

पूर्वजों की शांति के लिए गंगाजल, तिल और तुलसी पत्र के साथ तर्पण

Product price: ₹35,000.00
Total options:
Order total:

Description

बगलामुखी अनुष्ठान क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त व तांत्रिक महत्व)

सनातन तंत्र और महाविद्या ग्रंथों के अनुसार, जब जीवन में सामान्य पूजा, जप या कानूनी प्रयास निष्फल होने लगते हैं और शत्रु हर तरफ से घेरकर विनाश की स्थिति उत्पन्न कर देते हैं, तब माँ बगलामुखी का ‘महाअनुष्ठान’ ही अंतिम और अचूक ब्रह्मास्त्र सिद्ध होता है। बगलामुखी अनुष्ठान केवल एक दिवसीय हवन नहीं, बल्कि बहु-दिवसीय साधना प्रक्रिया है, जिसमें विद्वान आचार्यों द्वारा कठोर साधना नियमों का पालन करते हुए जप और हवन संपन्न किया जाता है। माँ बगलामुखी अपने साधक या यजमान के विरोधियों की कुटिल बुद्धि और जिह्वा को कीलित (स्तंभित) कर देती हैं, जिससे शत्रु स्वतः निष्प्रभावी हो जाते हैं और यजमान की पूर्ण सुरक्षा होती है।

यह महाअनुष्ठान किन परिस्थितियों में विशेष रूप से कराया जाता है?

  • प्रबल व शक्तिशाली शत्रुओं द्वारा लगातार आर्थिक, शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुँचाना।
  • अदालत में चल रहे लंबे, जटिल और गंभीर दीवानी/फौजदारी मुकदमे।
  • राजनीति, व्यापार या नौकरी में उच्चस्तरीय षड्यंत्र, झूठी FIR या छवि धूमिल करने के प्रयास।
  • अभिचार कर्म, तीव्र तंत्र बाधा, बुरी नजर या अज्ञात नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव।
  • अकारण भय, आत्मविश्वास की कमी, वाणी प्रभाव का समाप्त होना और बार-बार असफलता मिलना।

नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर में ही अनुष्ठान कराने का पौराणिक महात्म्य

लखुंदर नदी के तट पर स्थित नलखेड़ा का माँ बगलामुखी मंदिर भारत की सबसे जाग्रत और मुख्य तांत्रिक शक्तिपीठों में से एक है:

  • महाभारत कालीन स्वयंभू पीठ: मान्यता है कि महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त करने और कौरवों की शक्ति का स्तंभन करने हेतु धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण के निर्देश पर इसी स्थान पर माँ बगलामुखी का त्रिगुणात्मक अनुष्ठान किया था।
  • अक्षय तांत्रिक सिद्धि क्षेत्र: नलखेड़ा पीठ पर की गई साधना और दी गई पीली आहुतियां अत्यंत शीघ्र और निर्णायक फल प्रदान करती हैं।
  • उच्च कोटि के विप्रगण: अनुष्ठान को नलखेड़ा के योग्य, वेदज्ञ और साधना-निष्ठ तांत्रिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रीय मर्यादा एवं गोपनीयता के साथ संपन्न कराया जाता है।

बगलामुखी महाअनुष्ठान की प्रामाणिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. विशेष शास्त्रीय (गुप्त) संकल्प: यजमान के नाम, पिता के नाम, गोत्र और विशिष्ट समस्या (शत्रु/केस/बाधा निवारण) का स्पष्ट संकल्प।
  2. गणेश, भैरव व पीठ पूजन: विघ्नहर्ता श्री गणेश, क्षेत्रपाल भैरव एवं शक्तिपीठ मंडल का तांत्रिक-वैदिक पूजन।
  3. माँ पीतांबरा आवाहन: हरिद्रा मंडल पर भगवती बगलामुखी का ध्यान, आवाहन एवं षोडशोपचार पूजन।
  4. दीर्घकालिक मंत्र जप: विद्वान आचार्यों द्वारा माँ बगलामुखी के अति-शक्तिशाली मूल बीज मंत्र “ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥” का शास्त्रीय संख्या में सस्वर जप।
  5. विशेष शत्रु स्तंभन महाहवन: हल्दी, पीली सरसों, मालकांगनी, गुग्गुल, घृत और समिधाओं द्वारा अग्नि देव को आहुतियां।
  6. पूर्णाहुति व रक्षा कवच: महापूर्णाहुति, आरती, विप्र दक्षिणा एवं यजमान की सुरक्षा हेतु शांति पाठ व रक्षा विधान।

इस अनुष्ठान से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • विरोधी बुद्धि व शक्ति का पूर्ण स्तंभन: शत्रुओं की चालें, षड्यंत्र और कुटिल योजनाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
  • कोर्ट केस में निर्णायक बढ़त: कानूनी विवादों में अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं और सत्य की विजय होती है।
  • षड्यंत्र व बदनामी से रक्षा: समाज और कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा की रक्षा होती है तथा झूठे आरोप निष्फल होते हैं।
  • तंत्र व नकारात्मक बाधा से मुक्ति: सभी प्रकार के बुरे प्रयोग, नकारात्मक ऊर्जा और भय का समूल नाश होता है।
  • वाणी व आत्मबल में वृद्धि: यजमान के व्यक्तित्व में अद्भुत प्रभाव, निर्भयता और आत्मविश्वास का संचार होता है।

अनुष्ठान बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)
  5. समस्या का संक्षिप्त विवरण (जैसे: शत्रु बाधा, कोर्ट केस का विवरण या तंत्र निवारण)

नोट: अनुष्ठान की तिथि, समय और दिन की सूचना आपको व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी। अनुष्ठान की पूर्ण गोपनीयता रखी जाती है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. बगलामुखी अनुष्ठान और साधारण बगलामुखी हवन में क्या अंतर है?
उत्तर: साधारण हवन एक दिवसीय संक्षिप्त प्रक्रिया होती है, जबकि अनुष्ठान 1 से 3 दिनों तक चलने वाला बहु-दिवसीय, अधिक गहन, मंत्र-संख्या से समृद्ध और अति-शक्तिशाली महा-अनुष्ठान होता है।

Q2. क्या मुझे स्वयं नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर में उपस्थित रहना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, यदि आप स्वयं नलखेड़ा नहीं आ सकते हैं तो हमारे विद्वान आचार्य आपके नाम, गोत्र और समस्या का व्यक्तिगत संकल्प लेकर आपकी ओर से पूरी तांत्रिक-वैदिक विधि से अनुष्ठान संपन्न करेंगे।

Q3. क्या यह अनुष्ठान अत्यंत जटिल कोर्ट केस और तंत्र बाधा में प्रभावी है?
उत्तर: हाँ, नलखेड़ा शक्तिपीठ में संपन्न बगलामुखी महाअनुष्ठान को जटिल मुकदमों, गंभीर शत्रु बाधा और नकारात्मक तांत्रिक प्रयोगों के शमन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

Q4. अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद प्रसाद में क्या प्राप्त होगा?
उत्तर: अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद नलखेड़ा मंदिर से अभिमंत्रित पीली प्रसादी, रक्षासूत्र, यंत्र एवं हवन भस्म आपके दिए गए पते पर कूरियर द्वारा भेजी जाएगी।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “बगलामुखी अनुष्ठान”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related products