रेवती नक्षत्र पूजा

Original price was: ₹5,100.00.Current price is: ₹3,500.00.

क्या आप जीवन में लक्ष्य व सही दिशा की कमी, करियर में धीमी प्रगति, बार-बार योजनाओं का अधूरा छूटना, आर्थिक अस्थिरता या यात्राओं में बाधाओं का सामना कर रहे हैं? वैदिक ज्योतिष में रेवती नक्षत्र को 27 नक्षत्रों का अंतिम और पूर्णता प्रदान करने वाला नक्षत्र माना गया है। इसके अधिपति देव ‘पुषण’ हैं, जो पोषण, संरक्षण, सही मार्ग और सुरक्षित यात्राओं के देवता हैं। अवंतिका नगरी (उज्जैन) के सुप्रसिद्ध सिद्धवट घाट पर वेदज्ञ आचार्यों द्वारा भगवान पुषण एवं नक्षत्र आवाहन, विशेष बीज मंत्र जाप, वैदिक हवन एवं आपके नाम-गोत्र संकल्प के साथ यह पूजा कराएं और जीवन में सुरक्षा,…

ब्राह्मण भोज

पंडित दक्षिणा

गो सेवा

पितृ मोक्ष तर्पणम

पूर्वजों की शांति के लिए गंगाजल, तिल और तुलसी पत्र के साथ तर्पण

Product price: ₹3,500.00
Total options:
Order total:

Description

रेवती नक्षत्र पूजा क्यों आवश्यक है? (शास्त्रोक्त व ज्योतिषीय महत्व)

वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, रेवती नक्षत्र गण्डमूल श्रेणी का अंतिम नक्षत्र है। इस नक्षत्र के देवता ‘पुषण’ (सूर्य देव का एक स्वरूप) हैं, जिन्हें सम्पूर्ण संसार का पालनहार, सही पथ-दर्शक, पशुओं व संपदा का रक्षक और यात्राओं का संरक्षक माना जाता है। यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में रेवती नक्षत्र पीड़ित, पापक्रांत हो या जातक का जन्म इस नक्षत्र के दोषपूर्ण चरण में हुआ हो, तो उसे जीवन में निरंतर दिशाहीनता, निर्णय लेने में दुविधा, वित्तीय असुरक्षा और बार-बार बनते कार्यों के अंतिम क्षण में बिगड़ने का सामना करना पड़ता है। उज्जैन की सिद्ध भूमि सिद्धवट घाट पर विधि-विधान से रेवती नक्षत्र शांति कराने से नक्षत्र जनित दोष निष्प्रभावी होते हैं और जीवन में समृद्धि, सुरक्षा व स्थिरता आती है।

रेवती नक्षत्र दोष के मुख्य लक्षण (यदि आप इनका सामना कर रहे हैं):

  • जीवन में स्पष्ट लक्ष्य और सही मार्गदर्शन का अभाव महसूस होना।
  • व्यापार या करियर में योजनाएं तो बहुत बनना लेकिन उनका पूरा न हो पाना (अधूरे कार्य)।
  • विदेश यात्रा या व्यापारिक यात्राओं में अकारण रुकावटें, डर और दुर्घटना का भय रहना।
  • आर्थिक स्थिति में बार-बार उतार-चढ़ाव आना और धन का संचय न हो पाना।
  • मानसिक असुरक्षा, अनाम चिंता और आत्मविश्वास में कमी होना।

उज्जैन सिद्धवट घाट पर पूजा कराने का महात्म्य व प्रामाणिकता

सनातन परंपरा में अवंतिका नगरी (उज्जैन) को संपूर्ण पृथ्वी पर नक्षत्र दोष निवारण और ग्रह शांति अनुष्ठानों के लिए सबसे सिद्ध केंद्र माना गया है:

  • सिद्धवट कल्पवृक्ष पीठ: पवित्र शिप्रा नदी के तट पर स्थित सिद्धवट कल्पवृक्ष क्षेत्र में किया गया नक्षत्र जप और हवन उग्र नक्षत्र दोषों को शांत कर अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
  • भगवान पुषण व नक्षत्र मंत्र विधान: अनुष्ठान में रेवती नक्षत्र के अधिपति देव ‘पुषण’ और नक्षत्र के विशेष वैदिक बीज मंत्रों का सस्वर शुद्ध पाठ किया जाता है।
  • विद्वान कर्मकांडी आचार्य: संपूर्ण पूजा उज्जैन के उच्च कोटि के पंडितों द्वारा पूर्ण शास्त्रीय मर्यादा, शुद्धता और गोपनीयता के साथ संपन्न कराई जाती है।

रेवती नक्षत्र पूजा की प्रामाणिक विधि (Step-by-Step Procedure)

  1. संकल्प एवं गणेश पूजन: यजमान के नाम, पिता के नाम और गोत्र का शुद्ध उच्चारण कर अनुष्ठान का शास्त्रीय संकल्प।
  2. भगवान पुषण एवं नक्षत्र आवाहन: नवग्रह व नक्षत्र मंडल पर देव पुषण और रेवती नक्षत्र का ध्यान, आवाहन एवं षोडशोपचार पूजन।
  3. नक्षत्र बीज मंत्र जप: आचार्यों द्वारा रेवती नक्षत्र की शांति व समृद्धि हेतु निर्धारित बीज मंत्रों का सस्वर शुद्ध पाठ।
  4. नक्षत्र शांति महायज्ञ (हवन): विशेष समिधाओं, तिल, घृत व औषधियों द्वारा दोष शमन एवं कार्य सिद्धि हवन।
  5. पूर्णाहुति व शांति पाठ: यात्रा रक्षा, समृद्धि, सही दिशा व कल्याण हेतु पूर्णाहुति एवं विप्रगणों द्वारा आशीर्वाद पाठ।

इस पूजा से मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • सुरक्षा और संरक्षण: जीवन में अकारण भय, असुरक्षा और मानसिक तनाव का अंत होता है।
  • सफल व निर्भय यात्राएं: देश-विदेश की यात्राओं में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और यात्राएं सफल रहती हैं।
  • अधूरे कार्यों में पूर्णता: अटके हुए काम पूरे होते हैं और करियर/व्यवसाय में स्थिर प्रगति मिलती है।
  • सही मार्ग व मार्गदर्शन: जीवन में स्पष्टता आती है और सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।
  • आर्थिक सुधार व समृद्धि: धन आगमन के नए स्रोत बनते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

पूजा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण (Checkout के समय Order Note में लिखें):

  1. पूरा नाम (Full Name)
  2. पिता का नाम (Father’s Name)
  3. जन्म तिथि, समय और स्थान (Date, Time & Place of Birth)
  4. गोत्र (Gotra) — (यदि गोत्र ज्ञात न हो, तो ‘कश्यप’ गोत्र से संकल्प लिया जाएगा)

नोट: बुकिंग के पश्चात पूजा की तिथि, समय और स्थान की पूर्ण जानकारी आपको व्हाट्सएप/ईमेल द्वारा अग्रिम रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. रेवती नक्षत्र पूजा किसे करानी चाहिए?
उत्तर: जिनका जन्म रेवती नक्षत्र में हुआ हो, या जिनकी कुंडली में यह नक्षत्र पीड़ित हो और वे दिशाहीनता, करियर में रुकावट, यात्राओं में बाधा या आर्थिक अस्थिरता का सामना कर रहे हों, उन्हें यह पूजा करानी चाहिए।

Q2. क्या यह पूजा यात्राओं की सुरक्षा और सफलता के लिए लाभकारी है?
उत्तर: जी हाँ! रेवती नक्षत्र के देवता ‘पुषण’ यात्राओं के रक्षक और मार्गदर्शक माने गए हैं। यह पूजा यात्रा संबंधी बाधाओं, दुर्घटना के भय और अड़चनों को दूर करने में अत्यंत प्रभावी है।

Q3. क्या मुझे स्वयं पूजा के समय उज्जैन में उपस्थित रहना आवश्यक है?
उत्तर: नहीं, यदि आप स्वयं उज्जैन नहीं आ सकते हैं तो हमारे विद्वान पंडित आपके नाम और गोत्र का व्यक्तिगत संकल्प लेकर आपकी अनुपस्थिति में भी सिद्धवट घाट पर पूरी विधि से पूजा संपन्न करते हैं।

Q4. इस पूजा को संपन्न होने में कितना समय लगता है?
उत्तर: रेवती नक्षत्र पूजा की संपूर्ण वैदिक प्रक्रिया, मंत्र जप और हवन को संपन्न होने में लगभग 2 से 3 घंटे का समय लगता है।

Q5. पूजा के बाद प्रसाद में क्या प्राप्त होगा?
उत्तर: अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद सिद्धवट घाट से अभिमंत्रित विशेष प्रसादी, रक्षासूत्र और भस्म आपके दिए गए पते पर कूरियर द्वारा सुरक्षित भेज दी जाती है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “रेवती नक्षत्र पूजा”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related products